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Experts views : निफ्टी के लिए नियर टर्म अपट्रेंड बरकरार, अगले हफ्ते 24400-24500 का स्तर मुमकिन

Share market : ट्रंप की आर्थिक नीतियों से जुड़ी चिंताएं और हाई वैल्यूशन शॉर्ट टर्म में शेयर बाजार और खासकर उभरते बाजारों पर दबाव बनाए रख सकती हैं। FOMC मिनट, यूएस नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर जैसे अहम आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 04, 2025 पर 3:01 PM
Experts views : निफ्टी के लिए नियर टर्म अपट्रेंड बरकरार, अगले हफ्ते 24400-24500 का स्तर मुमकिन
Market cues: निफ्टी के 24,000 से ऊपर बंद होने के कारण सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है। आरएसआई एक तेजी वाला क्रॉसओवर दिखा रहा है

Stock market : 3 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में भारतीय इक्विटी बाजार ने लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त देखने को मिली। इस हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 524.04 अंक या 0.66 फीसदी बढ़कर 79,223.11 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 191.35 अंक या 0.80 फीसदी बढ़कर 24,004.75 पर बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और करीब 2% की बढ़त दर्ज की, जबकि निफ्टी बैंक में गिरावट दर्ज की गई। ऑटो में खरीदारी जारी रही। ऑटो इंडेक्स में 4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं,रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। यह इंडेक्स 2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि बाजार ने वीकली क्लोजिंग सुस्ती के साथ की। मजबूत अमेरिकी डॉलर, हाई वैल्यूएशन और निवेशकों द्वारा मल्टी-असेट रणनीति की ओर रुख करने के कारण बाजार में दबाव रहा। दिसंबर में मजबूत बिक्री के कारण ऑटो सेक्टर ने अन्य इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया। मिड और स्मॉल कैप ने धीमी रिकवरी दिखाई,जबकि लार्ज कैप इनसे पिछड़ते दिखे । एफआईआई की बिकवाली,कमजोर होते रुपये, साथ ही कोर सेक्टर सेक्टर में सुधार के संकेत और 2025 में दरों में कटौती की कम उम्मीदों ने निवेशकों की भावनाओं पर मिलाजुला असर दिखाया। इसके विपरीत, डीआईआई ने अपना खरीदारी का रुख बनाए रखा।

उन्होंने आगे कहा ट्रंप की आर्थिक नीतियों से जुड़ी चिंताएं और हाई वैल्यूशन शॉर्ट टर्म में शेयर बाजार और खासकर उभरते बाजारों पर दबाव बनाए रख सकती हैं। आगे बाजार की नजर तीसरी तिमाही के नतीजों पर रहेगी। Q3 में तिमाही दर तिमाही आधार पर सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा,निवेशकों बजट-पूर्व उम्मीदों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल करते दिख सकते हैं। FOMC मिनट, यूएस नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर जैसे अहम आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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