मार्केट में उतार-चढ़ाव का इंडिकेटर इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) एक दिन पहले 9 महीने के हाई पर बंद हुआ था और आज फिर इंट्रा-डे में यह मजबूत हुआ। हालांकि दिन के आखिरी तक यह 2.68 फीसदी फिसलकर 15.14 पर बंद हुआ है लेकिन इंट्रा-डे में यह 16.47 तक पहुंचा था। इस इंडेक्स को आमतौर पर फियर इंडेक्स के रूप में जाना जाता है और यह बताता है कि आने वाले दिनों में मार्केट में कितना उतार-चढ़ाव रहेगा यानी जितनी हाई वैल्यू, उतनी ही अधिक मार्केट में अस्थिरता रहेगी। इस महीने यह 19 फीसदी से अधिक ऊपर चढ़ा है तो सवाल उठता है कि यह इतना ऊपर क्यों चढ़ रहा है और इससे मार्केट को लेकर क्या संकेत मिल रहा है?
टेक्निकल एनालिस्ट दिनेश नागपाल के मुताबिक इसके बढ़ने की एक वजह तो मंथली ऑप्शंस की एक्सपायरी है जो आज थी। अब चूंकि वीआईएक्स बढ़ रहा तो प्रीमियम भी तेजी से उछल रहे हैं लेकिन जब फिसल रहे हैं तो धीरे-धीरे। वीआईएक्स जब बढ़ता है तो इससे इससे मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव के संकेत मिलते हैं। इसके चलते ट्रेडर्स किसी भी प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए ऑप्शंस खरीदते हैं। जब बहुत लोग ऑप्शंस खरीदते हैं तो ऑप्शंस के भाव बढ़ने लगते हैं क्योंकि सेलर्स फिर अधिक भाव मांगने लगते हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
दिनेश नागपाल का कहना है कि अगर इंडिया वीआईएक्स मंथली कांट्रैक्ट के चलते ही बढ़ रहा था तो आज इसका असर खत्म हो जाएगा लेकिन अगर आगे भी यानी शुक्रवार से भी इसमें तेजी दिखती है तो सचेत हो जाना चाहिए। यह 18 से 19 तक जा सकता है यानी वोलैटिलिटी और बढ़ेगी। जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड एडवायजरी सर्विसेज के फाउंडर मिलन वैष्णव के मुताबिक मार्केट इतनी ऊंचाई पर है कि अब तेज मुनाफावसूली हो सकती है या यहां पर मार्केट में कंसालिडेशन हो सकता है।
इंडियाचार्ट्स के फाउंडर और मार्केट एनालिस्ट रोहित श्रीवास्तव के मुताबिक जब India VIX ऊपर जाता है तो मार्केट में करेक्शन की उम्मीद रहती है लेकिन इस समय दोनों ही एक-साथ ऊपर चढ़ रहे हैं। ऐसे में रोहित का मानना है कि यह एक सीमा से अधिक बुलिश रुझान को दिखा रहा है और जब भी यह रुझान पलटेगा, तो काफी उथल-पुथल होगी जैसे कि अक्टूबर 2021 में निफ्टी 18600 पर पहुंच गया था लेकिन फिर जब रुझान पलटा तो यह कई महीने तक इससे नीचे ही रहा। रोहित का मानना है कि अगले साल भी ऐसी ही स्थिति दिख रही है।
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