भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है। अप्रैल में भी यह जारी है। इस महीने के पहले दो कारोबारी सत्रों में ही FPI ने 19,837 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये में लगातार गिरावट को माना जा रहा है। इससे पहले मार्च में FPI ने घरेलू शेयर बाजार में करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड सेलिंग की थी। 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे पर शेयर बाजार बंद था।
