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FPI लगातार तीसरे महीने रहे बायर, अगस्त में शेयर बाजार में कितने हजार करोड़ का किया निवेश

FPI's Investment in August: 2024 में अब तक इक्विटी में FPI का निवेश 42,885 करोड़ रुपये और बॉन्ड बाजार में 1.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अगस्त के पहले के दो महीनों की तुलना में FPI की दिलचस्पी कम होने का मूल कारण भारतीय बाजार में हाई वैल्यूएशन है। निफ्टी, वित्त वर्ष 2024-25 की अनुमानित कमाई से 20 गुना अधिक पर कारोबार कर रहा है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 01, 2024 पर 12:38 PM
FPI लगातार तीसरे महीने रहे बायर, अगस्त में शेयर बाजार में कितने हजार करोड़ का किया निवेश
जून और जुलाई की तुलना में अगस्त में FPI की ओर से निवेश कम रहा है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सतर्क रुख अपनाते हुए अगस्त में घरेलू शेयर बाजार में केवल 7,320 करोड़ रुपये का निवेश किया। FPI की सतर्कता की अहम वजह शेयरों की हाई वैल्यूएशन और बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर बढ़ाने के बाद येन कैरी ट्रेड खत्म होना रहा। कैरी ट्रेड का मतलब है निम्न ब्याज दर वाले देश से कर्ज लेकर दूसरे देश के एसेट्स में निवेश करना। बैंक ऑफ जापान ने मुख्य ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने शेयरों में जुलाई में 32,365 करोड़ रुपये और जून में 26,565 करोड़ रुपये का निवेश किया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, वॉटरफील्ड एडवाइजर्स के डायरेक्टर (लिस्टेड इनवेस्टमेंट्स) विपुल भोवार का कहना है कि सितंबर में FPI की घरेलू बाजार में रुचि बनी रह सकती है। फ्लो को घरेलू राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक संकेतकों, वैश्विक ब्याज दर की स्थिति, मार्केट वैल्यूएशंस, सेक्टोरल प्रिफरेंसेज और बॉन्ड बाजार के आकर्षण से दिशा मिलने की उम्मीद है।

भारत अब दुनिया का सबसे महंगा बाजार

अगस्त के पहले के दो महीनों की तुलना में FPI की दिलचस्पी कम होने का मूल कारण भारतीय बाजार में हाई वैल्यूएशन है। निफ्टी, वित्त वर्ष 2024-25 की अनुमानित कमाई से 20 गुना अधिक पर कारोबार कर रहा है। इसके साथ, भारत अब दुनिया का सबसे महंगा बाजार है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, FPI के पास बहुत सस्ते बाजारों में निवेश करने के मौके हैं और इसीलिए उनकी प्राथमिकता भारत के अलावा अन्य बाजार हैं।

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