विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मार्च के पहले 15 दिनों में घरेलू शेयर बाजार से 52,704 करोड़ रुपये निकाले हैं। इसके पीछे कारण हैं- पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, रुपये में गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका। इससे पहले फरवरी में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये डाले थे, जो 17 महीने का उच्च स्तर था।
