रूस ने यूक्रेन पर जब से धावा बोला है उस पर प्रतिबंधों की बाढ़ सी आ गई है। अब उसे FTSE Russell और MSCI जैसे इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है। रूस के स्टॉक का इन इंडेक्स से बाहर होने का भारत के लिए क्या मतलब है आइए इस पर डालते हैं एक नजर।

रूस ने यूक्रेन पर जब से धावा बोला है उस पर प्रतिबंधों की बाढ़ सी आ गई है। अब उसे FTSE Russell और MSCI जैसे इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है। रूस के स्टॉक का इन इंडेक्स से बाहर होने का भारत के लिए क्या मतलब है आइए इस पर डालते हैं एक नजर।
रूस के शेयर FTSE Russell इंडेक्स से 7 मार्च को बाहर हो जाएगा जबकि MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स से रूस के शेयर 9 मार्च को बाहर होंगे। जानकारों का कहना है कि रूसी इक्विटी के FTSE Russell और MSCI इंडेक्स के बाहर होने से भारत में 60 करोड़ डॉलर इनफ्लो संभव है। यह इनफ्लो RIL,Infosys,HDFC,ICICI Bank और TCS में आता नजर आ सकता है।
MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में रूस का वेटेज 2.3 फीसदी है। ऐसे में रूस को बाहर करने से चीन, ताइवान, भारत और कोरिया को फायदा होगा। यह भी बताते चलें कि MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में रूस का वेटेज जहां 2.66 फीसदी है वहीं चाइना का वेटेज 29.55 फीसदी पर है जबकि ताइवान का वेटेज 15.86 फीसदी पर है। वहीं भारत का वेटेज 12.25 फीसदी पर है। इस इंडेक्स में वेटेज के मामले में भारत तीसरे स्थान और रूस आठवें स्थान पर है।
यूक्रेन संकट का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है। भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं है। बाजार में आज शुरुआत में कुछ तेजी देखने को मिली थी लेकिन यह शुरुआती तेजी टिकती नजर नहीं आई। इस बीच यूक्रेन-रूस की लड़ाई से कच्चे तेल में भी आग लग गई है और ब्रेंट का भाव 118 डॉलर के पार चला गया है। ब्रेंट 10 साल के ऊंचाई पर पहुंच गया है। इसके अलावा दूसरी कमोडिटीज के भाव में बढ़ोतरी के चलते महंगाई बढ़ती नजर आ रही है जो बाजार के लिए दूसरा बड़ा खतरा बन गई है। महंगे क्रूड से आज बाजार में पेंट शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है। एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स, कंसाई नेरोलेक समेत सभी पेंट शेयर फिसले हैं।
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