इस हफ्ते लगातार दो दिन शेयर बाजार में अच्छी तेजी आई। 26 मार्च को मार्केट रामनवमी के उपलक्ष्य में बंद था। 27 मार्च यानी शुक्रवार को बाजार खुलेगा। यह हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन होगा। इनवेस्टर्स की नजरें 27 मार्च को मार्केट को ओपनिंग पर लगी हैं। सवाल है कि क्या 27 मार्च को मार्केट में तेजी का सिलसिला जारी रहेगा?
क्रूड के फिर से 100 डॉलर पार जाने से बढ़ा दबाव
Gift Nifty के हिसाब से बाजार 27 मार्च को कमजोरी के साथ खुलेगा। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में बदलाव के बावजूद ईरान ने समझौते के लिए बातचीत में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसका असर मार्केट के सेंटिमेंट पर पड़ा है। क्रूड ऑयल खासकर ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जाने के बाद फिर से 100 डॉलर के पार पहुंच गई है।
ईरान की समझौते की बातचीत में दिलचस्पी में नहीं
ईरान ने अमेरिका से किसी तरह की बातचीत से इनकार किया है। इससे मध्यपूर्व में शांति स्थापित होने की संभावनाओं को ठेस लगी है। इस लड़ाई के अब एक महीने पूरे होने जा रहे हैं। हमलों और जवाबी हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान खाड़ी देशों में ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को हुआ है। बताया जाता है कि अगर लड़ाई जल्द खत्म हो जाती है तो भी क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई सामान्य होने में काफी समय लगेगा। तब तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं।
गिफ्ट निफ्टी में शाम में 0.66 फीसदी कमजोरी
26 मार्च को शाम में गिफ्ट निफ्टी 0.66 फीसदी नीचे था। इसका मतलब है कि 27 मार्च को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ साथ खुल सकते हैं। 26 मार्च को ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली। यूके का FTSE 1.21 फीसदी नीचे चल रहा था। फ्रांस का CAC भी 0.81 फीसदी कमजोर था। जर्मनी का डीएएक्स 1.32 फीसदी नीचे चल रहा था। एशियाई शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई 0.97 फीसदी नीचे थे। कोरिया के कोस्पी में तो 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी।
अभी बाजार में सावधानी बरतने की सलाह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को बाजार में अभी सावधानी बरतनी चाहिए। गिरावट के बीच लगातार एक-दिन की तेजी के बावजूद मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर है। ऐसे में बाजार में खरीदारी में रिस्क है। हालांकि, एक्सपर्ट्स निवेशकों को अच्छी क्वालिटी के शेयरों में धीरे-धीरे खरीदारी की सलाह दे रहे हैं। इसकी वजह यह है कि हालिया गिरावट के बाद ब्लूचिप कंपनियों के शेयर काफी सस्ते हो चुके हैं।