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Global Wealth Summit 2026: 'धैर्य रखें', बाजारों में उथल-पुथल के बीच SEBI चेयरमैन की निवेशकों को सलाह

Global Wealth Summit 2026: तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष आर्थिक संबंधों को नया रूप दे रहे हैं और दुनिया भर में पूंजी के प्रवाह को प्रभावित कर रहे हैं। उतार-चढ़ाव को अपने आप में बाजार की कमजोरी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 14, 2026 पर 12:55 PM
Global Wealth Summit 2026: 'धैर्य रखें', बाजारों में उथल-पुथल के बीच SEBI चेयरमैन की निवेशकों को सलाह
पांडेय ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चितता से भरा है।

भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी व्यवधान और ऊर्जा संकट के कारण दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में भारत के कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी है। Moneycontrol के ग्लोबल वेल्थ समिट (Global Wealth Summit) में SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चितता से भरा है। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐतिहासिक रूप से उथल-पुथल के दौर के बाद बाजार स्थिर हो जाते हैं।

पांडेय ने कहा, "अगर आज के बाजारों को बताने के लिए सिर्फ एक शब्द इस्तेमाल किया जाए, तो वह है 'अनिश्चितता'।" उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष आर्थिक संबंधों को नया रूप दे रहे हैं और दुनिया भर में पूंजी के प्रवाह को प्रभावित कर रहे हैं। मध्य-पूर्व में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने ऊर्जा की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। पूंजी बाजार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

'धैर्य बनाए रखें': खुदरा निवेशकों के लिए सलाह

पांडेय ने कहा कि उतार-चढ़ाव आधुनिक वित्तीय बाजारों की एक खास पहचान बन गया है, खासकर इसलिए क्योंकि सूचना का माहौल बदल गया है और झटके एक अर्थव्यवस्था से दूसरी अर्थव्यवस्था में तेजी से फैलते हैं।हालांकि, उन्होंने खुदरा निवेशकों से आग्रह किया कि वे शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें। उन्होंने कहा, "खुदरा निवेशकों के लिए सबसे अच्छी रणनीति यही होगी कि वे धैर्य बनाए रखें।" पांडेय के अनुसार, अत्यधिक उतार-चढ़ाव के दौर कोई नई बात नहीं हैं, और ऐतिहासिक रूप से बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार फिर से संभल जाते हैं।

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