Havells India Shares: पंखा-कूलर जैसे इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली हैवेल्स इंडिया के शेयरों में आज बिकवाली का तेज दबाव दिखा। यह दबाव इतना तेज रहा कि निफ्टी 500 पर सबसे अधिक गिरावट इसी में आई। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के कमजोर कारोबारी नतीजे पर कम से कम तीन ब्रोकरेज फर्मों का फटाक से रेटिंग में कटौती करना रहा। इसके चलते हैवेल्स के शेयरों को निवेशक धड़ाधड़ बेचने लगे और यह 7% से अधिक टूट गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया। आज बीएसई पर यह 6.72% की गिरावट के साथ ₹1259.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 7.04% टूटकर ₹1255.35 तक आ गया था।
Havells India की रेटिंग में किन ब्रोकरेजेज ने की कटौती?
ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनले ने हैवेल्स इंडिया की रेटिंग को डाउनग्रेड कर इक्वलवेट से अंडरवेट कर दिया है और साथ ही टारगेट प्राइस को ₹1,532 से घटाकर ₹1,171 कर दिया है। एचडीएफसी रिसर्च ने भी इसकी रेटिंग को खरीदारी से कम करके ऐड कर दी है और टारगेट प्राइस ₹1,520 से घटाकर ₹1,470 कर दिया है। इनके अलावा जेएम फाइनेंशियल ने भी इसकी रेटिंग को खरीदारी से घटाकर ऐड किया है और टारगेट प्राइस को ₹1,750 से घटाकर ₹1,490 किया है।
बाकी ब्रोकरेज फर्मों का क्या है रुझान?
अपनी अर्निंग्स कॉल के दौरान हैवल्स के मैनेजमेंट ने कई कैटेगरीज में कच्चे माल की बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए सतर्क रुझान अपनाया। मैनेजमेंट ने कहा कि इस साल गर्मियों की शुरुआत अच्छी रही है, लेकिन मांग में अभी तक तेजी नहीं आई है। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि प्रोडक्शन साइड में गैस की उपलब्धता एक समस्या बनी हुई है और कंपनी इसे कम करने के लिए कदम उठा रही है।
इन सब बातों को देखते हुए सीएलएसए ने हैवेल्स पर अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹1,535 पर फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बेमौसम बारिश, गर्मियों की धीमी शुरुआत और प्री-बाइंग ने हैवल्स के कूलिंग प्रोडक्ट्स बिजनेस को प्रभावित किया है, लेकिन कम बेस और भीषण गर्मी के चलते इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ग्रोथ के लिए अच्छे संकेत हैं।
एचएसबीसी ने भी हैवल्स पर अपनी खरीदारी की रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस को ₹1,700 से घटाकर ₹1,560 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने हैवल्स के ग्रोथ के अपने अनुमानों में कटौती की, मुख्य रूप से ईसीडी और लॉयड सेगमेंट में।
नोमुरा ने हैवल्स पर अपनी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन वित्त वर्ष 2027 के लिए रेवेन्यू के अनुमान में 4% और मार्जिन के अनुमान में 60 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती करके 10.7% कर दिया है, जिसके चलते EPS (प्रति शेयर कमाई) के अनुमानों में 11% की कटौती हुई है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
हैवेल्स इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया है। पिछले साल 23 अप्रैल 2025 को बीएसई पर ₹1,656.95 पर था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई से एक साल से भी कम समय में यह 31.02% टूटकर ₹1,143.00 तक आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। अब आगे की बात करें को डाउनग्रेड के बावजूद इसे कवर करने वाले 39 एनालिस्ट्स में से 29 ने इसे खरीदारी की रेटिंग दी हुई है जबकि सिर्फ तीन ने इसे सेल ने रेटिंग दी है तो सात ने होल्ड रेटिंग।
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