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HDFC Bank के इस काम पर 3% चढ़ा शेयर, चार दिनों में 12% की गिरावट के बाद निवेशकों ने ली राहत की सांस

HDFC Bank Shares: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में पिछले कुछ समय में बिकवाली का भारी दबाव दिखा और चार ही दिनों में यह 12% से अधिक टूट गया। अब बैंक ने एक और अहम ऐलान किया जिसका शेयरों की चाल पर बड़ा असर दिखा। जानिए बैंक ने क्या जानकारी दी है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 4:21 PM
HDFC Bank के इस काम पर 3% चढ़ा शेयर, चार दिनों में 12% की गिरावट के बाद निवेशकों ने ली राहत की सांस
HDFC Bank Shares: पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे ने एचडीएफसी बैंक के शेयरों को करारा झटका दिया।

HDFC Bank Shares: एचडीएफसी बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़ा खुलासा किया है जिसका इसके शेयरों पर पॉजिटिव असर दिखा और यह शुरुआती कारोबार में ही 3% से अधिक उछल गया। एक कारोबारी दिन पहले यह टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। पार्ट-टाइम चेयरमैन के इस्तीफे और तीन एंप्लॉयीज को हटाए जाने के चलते शेयरों को ऐसा शॉक लगा कि क्लोजिंग बेसिस पर यह चार कारोबारी दिनों में 12% टूट गया। अब बैंक ने एक और बड़ा ऐलान किया है, जिसका असर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो आज बीएसई पर यह 2.88% की बढ़त के साथ ₹765.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 3.88% उछलकर ₹772.60 तक पहुंच गया था।

क्या जानकारी दी है HDFC Bank ने?

एचडीएफसी बैंक ने आज तड़के सुबह एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के इस्तीफे से जुड़े मामले को लेकर एक एक्सटर्नल लॉ फर्म को नियुक्त किया गया है जो बैंक को एक रिपोर्ट देगा। अतनु चक्रवर्ती ने बोर्ड से मतभेदों पर 18 मार्च को पार्ट टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी बातें हुईं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के हिसाब से नहीं थी, और इसी कारण उन्होंने इस्तीफे दिया।

वहीं तीन एंप्लॉयीज को बर्खास्त होने वाले मामले की बात करें तो बैंक ने यह फैसला दुबई रेगुलेटरी नोटिस से जुड़े आंतरिक जांच के बाद लिया। बैंक ने स्पष्ट किया कि यह मामला दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (DFSA) द्वारा 25 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले के नोटिस से जुड़ा है, जो इसके दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) ब्रांच से जुड़ा था। बैंक के मुताबिक GNRC (गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी) ने अंदरूनी जांच का निर्देश दिया था। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर कमेटी ने कार्रवाई की सिफारिश की। 9 मार्च की बैठक में GNRC ने तीन एंप्लॉयीज को निकालने के साथ-साथ कार्रवाई का फैसला लिया। ये एंप्लॉयीज बोर्ड के सामने अपील कर सकते हैं।

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