HDFC Life Share Price: लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचडीएफसी लाइफ (HDFC Life) के शेयरों में बंपर खरीदारी हो रही है। इसके चलते एचडीएफसी लाइफ सुस्त मार्केट में भी करीब 8 फीसदी उछलकर 554.60 रुपये पर पहुंच गए। हालांकि मुनाफावसूली के चलते भाव में थोड़ी सुस्त जरूर आई है लेकिन अभी भी यह 4.97 फीसदी की मजबूती के साथ 538.80 रुपये पर है। शेयरों में खरीदारी का यह रुझान केंद्रीय बैंक आरबीआई (RBI) के एक फैसले के चलते दिख रहा है। आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को एचडीएफसी लाइफ में अपनी हिस्सेदारी 50 फीसदी से ऊपर बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके भी शेयर आज 0.68 फीसदी उछलकर 1685.15 रुपये (HDFC Bank Share Price) पर पहुंच गए। वहीं एचडीएफसी भी 0.66 फीसदी की तेजी के साथ 2765.20 रुपये (HDFC Share Price) पर है।
RBI ने HDFC Bank को क्या मंजूरी दी है
आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक या एचडीएफसी को विलय से पहले एचडीएफसी लाइफ और एचडीएफसी एर्गो (HDFC ERGO) में अपनी हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक इसे लेकर आरबीआई से 20 अप्रैल की तारीख में लेटर मिल चुका है। मार्च 2023 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक एचडीएफसी की एचडीएफसी लाइफ में 48.65 फीसदी और एचडीएफसी एर्गो में 49.9 फीसदी हिस्सेदारी है।
HDFC Life के लिए क्यों है राहत की बात
एचडीएफसी का एचडीएफसी बैंक में विलय होना है। अब चूंकि आरबीआई का नियम है कि बैंक बीमा कंपनी में अधिकतम 50 फीसदी हिस्सेदारी होल्ड कर सकते हैं। ऐसे में विलय से पहले एचडीएफसी लाइफ में एचडीएफसी अपनी हिस्सेदारी लगातार कम कर रहा था। सितंबर 2020 में एचडीएफसी लाइफ में एचडीएफसी की 50.14 फीसदी हिस्सेदारी थी जिसे दिसंबर 2020 तिमाही में 49.99 फीसदी, दिसंबर 2021 तिमाही में 49.88 और फिर मार्च 2023 तिमाही में 48.65 फीसदी पर लाया गया। हालांकि अब आरबीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि यह एचडीएफसी बैंक एचडीएफसी लाइफ में अपनी 50 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी को एचडीएफसी बैंक के निवेश के तौर पर रख सकता है यानी कि अब यह अपनी हिस्सेदारी फिर बढ़ा सकता है।
HDFC-HDFC Bank को मिली एक राहत तो एक झटका
आरबीआई ने विलय को लेकर एचडीएफसी-एचडीएफसी बैंक को एक बड़ी राहत लेंडिंग रूल्स में दी है। नियमों के तहत बैंकिंग एंटिटी को अपने एडजस्टेड नेट बैंक क्रेडिट का 40 फीसदी एग्रीकल्चर, छोटी कंपनियों या अन्य कमजोर वर्गों को देना होता है। विलय के बाद एचडीएफसी बैंक को पहले ही दिन से इस नियम को पूरा करनें तगड़ा झटका लगता लेकिन आरबीआई ने इसे तीन साल का समय दे दिया है और पहले साल एचडीएफसी के एक तिहाई आउटस्टैंडिंग लोन को ही एडजस्टेड नेट बैंक क्रेडिट में लिया जाएगा और बाकी दो-तिहाई को अगले दो साल में बराबर-बराबर लिया जाएगा। हालांकि सीआरआर (कैश रिजर्व रेश्यो), एसएलआर (स्टुटरी लिक्विडिटी रेश्यो) और एलसीआर (लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो) में कोई राहत नहीं मिली है और विलय के पहले ही दिन से इसके नियमों को मानना होगा।