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Honeywell Automation Share: ब्रोकरेज के रेटिंग अपग्रेड के बाद शेयर को लगे पंख, 13% से ज्यादा उछला, क्या आप करेंगे खरीदारी

Honeywell Automation Share: ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि स्टॉक FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो के 34 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऑटोमेशन साथियों में सबसे कम है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू JM फाइनेंशियल के अनुमान से "थोड़ा कम" था। ब्रोकरेज ने कहा कि EBITDA मार्जिन FY27 में ठीक हो सकता है

Sujata Yadavअपडेटेड May 21, 2026 पर 12:32 PM
Honeywell Automation Share: ब्रोकरेज के रेटिंग अपग्रेड के बाद शेयर को लगे पंख, 13% से ज्यादा उछला, क्या आप करेंगे खरीदारी
कंपनी का रेवेन्यू JM फाइनेंशियल के अनुमान से "थोड़ा कम" था। ब्रोकरेज ने कहा कि EBITDA मार्जिन FY27 में ठीक हो सकता है

Honeywell Automation Share: ग्लोबल टेक्नोलॉजी की बड़ी कंपनी हनीवेल की सब्सिडियरी हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया (Honeywell Automation India) के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लगभग 13 फीसदी से ज्यादा की बढ़त लेकर ₹34,220 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। शेयर में आई यह तेजी 2 सालों में 1 दिन में सबसे बड़ी बढ़त रही है। दरअसल, अच्छे नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म भी बुलिश हुए है। JM Financial ने स्टॉक में मौजूदा स्तर से 45% के अपसाइड की उम्मीद जताई है। यहीं वजह है कि आज शेयर जोरदार छलांग लगाता नजर आया।

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग अपग्रेड करके "Buy" कर दी है और इसका प्राइस टारगेट ₹44,000 प्रति स्टॉक है, जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस से 45.8% की बढ़त दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि स्टॉक FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो के 34 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऑटोमेशन साथियों में सबसे कम है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू JM फाइनेंशियल के अनुमान से "थोड़ा कम" था। ब्रोकरेज ने कहा कि EBITDA मार्जिन FY27 में ठीक हो सकता है क्योंकि आगे लॉस ऑर्डर प्रोविजनिंग की सीमित ज़रूरत है, जैसा कि पिछले सालों में देखा गया है।

वहीं Antique Stock Broking ने कहा कि हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया ने Q4FY26 के नतीजे उम्मीद से बेहतर बताए, जिसमें मजबूत मार्जिन परफॉर्मेंस का हाथ रहा। ब्रोकरेज ने बताया कि हनीवेल का ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले दो सालों से दबाव में रहा है, जो FY23-FY25 के दौरान लगभग 100 बेसिस पॉइंट घटकर 14 परसेंट रह गया, जबकि इसी समय में एक्सपोर्ट कंट्रीब्यूशन बढ़कर 42 परसेंट हो गया। उसका मानना ​​है कि मार्जिन रिकवरी स्टॉक की संभावित री-रेटिंग के लिए एक अहम ट्रिगर का काम कर सकती है।

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