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Why Share Market Fall: Sensex इंट्रा-डे हाई से टूटा 750 प्वाइंट्स, 5 वजहों से Nifty भी आया 23650 के नीचे

Stock Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज की शुरुआत शानदार रही और चौतरफा रौनक दिखी। हालांकि फिर दो घंटे के भीतर ही सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) लाल हो गए। दो अहम सेक्टर्स ने मार्केट पर अच्छा दबाव बनाया है। जानिए मार्केट के लाल होने की पांच अहम वजह

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 21, 2026 पर 11:56 AM
Why Share Market Fall: Sensex इंट्रा-डे हाई से टूटा 750 प्वाइंट्स, 5 वजहों से Nifty भी आया 23650 के नीचे
Sensex-Nifty Slips: शुरूआती तेजी गंवाते हुए कारोबार शुरू होने के दो ही घंटे में सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए।

Why Share Market Fall: शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए मार्केट खुलने के करीब दो ही घंटे में मार्केट लाल हो गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) पूरी तेजी गंवाते हुए रेड जोन में आ गए। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 627.4 प्वाइंट्स चढ़कर 75,945.79 पर पहुंच गया था लेकिन इस इंट्रा-डे हाई से दो ही घंटे के भीतर 779.18 प्वाइंट्स फिसलकर 75,166.61 तक आ गया। वहीं निफ्टी की बात करें तो शुरुआती कारोबार में यह 200.9 प्वाइंट्स चढ़कर 23,859.90 तक चढ़ गया था जिससे यह 220 गिरकर 23,639.90 तक आ गया। हालांकि निचले स्तर पर खरीदारी और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीदों पर मार्केट ने फटाक से रिकवरी कर ली और सेंसेक्स-निफ्टी ग्रीन हो गए।

Why Market Slips: इन वजहों से मार्केट लाल

RBI का ब्याज दरें महंगी करने पर विचार

रुपये की गिरावट को थामने के लिए सभी विकल्पों पर आरबीआई गौर कर रहा है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई इसे लेकर ब्याज दरों में बढ़ोतरी, करेंसी के अतिरिक्त स्वैप और विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाने के विकल्पों पर गौर कर रहा है। इस हफ्ते एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये के फिसलकर ₹97 के काफी करीब आने के आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा समेत आरबीआई के टॉप अधिकारी अंदरूनी तौर पर कई बैठकें कर रहे हैं। मौद्रिक नीतियों का अगला ऐलान 5 जून को होना है। बता दें कि ब्याज दरों में उछाल का इक्विटी मार्केट पर निगेटिव असर पड़ता है क्योंकि कंपनियों के लिए उधार लेने की लागत बढ़ जाती है और निवेशकों का भरोसा कमजोर हो जाता है। इसके अलावा लिक्विडिटी कम होने से शेयरों की तुलना में फिक्स्ड इनकम वाले निवेश अधिक आकर्षक हो जाते हैं।

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