Adani Wilmar Share : अडानी विलमर की मार्केट कैपिटलाइजेशन मंगलवार को पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। इसके साथ ही यह अडानी ग्रुप की एक लाख करोड़ से ज्यादा मार्केट कैप वाली सातवीं कंपनी बन गई है। Adani Wilmar ने स्टॉक के 5 फीसदी मजबूती के साथ 798 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के साथ यह उपलब्धि हासिल की है।
ढाई महीने में 247 फीसदी का रिटर्न
शेयर 8 फरवरी को 230 रुपये की कीमत पर लिस्ट हुआ था और तब से यह 247 फीसदी चढ़ चुका है। मई में ही कंपनी के शेयर में 54 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है। एक दिन पहले ही सोमवार को ग्रुप की एक अन्य कंपनी अडानी पावर (Adani Power) की मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध का मिला फायदा
इसके अलावा अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी टोटल गैस, अडानी एंटरप्राइजेस और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन की मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
एडिबल ऑयल के बिजनेस से जुड़ी Adani Wilmar के शेयर में लिस्टिंग के बाद से हाई वॉल्यूम के साथ कारोबार दिख रहा है। एनालिस्ट्स ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine war) के चलते सनफ्लॉवर ऑयल की आपूर्ति बाधित होने से कंज्यूमर सोयाबीन, मूंगफली और सरसों के तेल की ओर रुख कर रहे हैं।
इंडोनेशिया ने निर्यात बैन पर दी सफाई
इससे पहले, भारतीय एडिबल ऑयल मार्केट ने तब राहत की सांस ली, जब दुनिया में पॉम ऑयल के सबसे बड़े उत्पादक इंडोनेशिया ने स्पष्ट किया कि पिछले सप्ताह किया गया निर्यात पर प्रतिबंध का ऐलान क्रूड पॉम ऑयल पर लागू नहीं होगा, बल्कि इसमें सिर्फ रिफाइंड, ब्लीच्ड, डिओडोराइज्ड पॉमोलीन शामिल होंगे।
क्यों शेयर में बनी हुई है मजबूती
यस सिक्योरिटीज ने कहा, Adani Wilmar का विविधतापूर्ण प्रोडक्ट प्रोफाइल, प्रीमियम ब्रांड और इनवेंट्री स्टॉक से उसे निकट भविष्य की आपूर्ति संबंधी बाधाओं और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जेपी मॉर्गन ने कहा, “हमें मध्यम अवधि में अडानी विलमर की वॉल्यूम ग्रोथ छह से सात फीसदी रहने की उम्मीद है। दक्षिण, पश्चिम और ग्रामीण बाजारों में मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन से कंपनी को बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रीमियम ऑयल (राइस ब्रान, ब्लेंड्स, मस्टर्ड) में भी कंपनी की पैठ बढ़ रही है।”