Bharti Airtel के शेयरों ने आज यानी 11 जुलाई के कारोबार में इंट्राडे में 5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। मीडिया में इस तरह की खबरें आई है कि अडानी ग्रुप टेलिकॉम स्पेस में कदम रखने जा रहा है। इस खबर के चलते बाजार में इस तरह की आशंका है कि टेलिकॉम स्पेस में एक बार फिर बड़ा उलट फेर होता नजर आ सकता है। ऐसे में Bharti Airtel के शेयर आज दबाव में दिख रहे हैं।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक अडानी ग्रुप की एक कंपनी 5G टेलिकॉम स्पेट्रक्म नीलामी में बोली लगाने की तैयारी में है। ऐसा होता है तो अडानी ग्रुप की इस कंपनी का मुकाबला मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो, सुनील भारती मित्तल की एयरटेल और वोडाफोन -बिड़ला ग्रुप के ज्वाइंट वेचर Vi के साथ होगा।
हालांकि अडानी ग्रुप ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है कि वह 5G स्पेट्रक्म का इस्तेमाल एयरपोर्ट और अपने पोर्ट कारोबार को प्राइवेट नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए करेगी। इससे उसका पब्लिक को टेलिकॉम सर्विसेज उपलब्ध कराने का कोई इरादा नहीं है।
हालांकि इस सफाई का दलाल स्ट्रीट पर कोई बड़ा असर पड़ा है। निवेशकों को डर है कि टेलिकॉम इंडस्ट्रीज में एक और मजबूत खिलाड़ी का कदम रखना वर्तमान कंपनियों के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
09: 40 बजे के आसपास Bharti Airtel का शेयर बीएसई पर 4.53 फीसदी की गिरावट के साथ 663.75 के आसपास पर नजर आ रहा था। वहीं जियो का मालिकाना हक रखने वाली Reliance Industries के शेयर 0.3 फीसदी टूटकर 2383.95 रुपये पर नजर आ रहे थे। जबकि इस खबर का Vodafone Idea पर कोई बड़ा असर नहीं दिख रहा था । वह हल्की बढ़त के साथ 8.46 रुपये पर नजर आ रहा था।
बताते चलें कि सरकार 5G फ्रिकवेंसी के 72 Ghz को बिक्री के लिए ऑफर कर रही है। जिसकी बेस प्राइस 4.5 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। इस स्पेक्ट्रम की नीलामी 20 साल के लिए होगी और इसमें 600 Mhz से 26 Ghz के 10 ब्रैंड शामिल होंगे। इनकी कीमतों के बारे में टेलीकॉम रेगुलेटर सिफारिश करेगी।
Airtel,Jio, Vodafone Idea और Adani Group 26 जुलाई से शुरू होने वाले भारत के पहले 5G ऑक्शन नीलामी में शामिल होने के लिए अपने आवेदन दाखिल कर चुके हैं। पहले यह माना जा रहा था कि 5G स्पेट्रक्म नीलामी का यह दौर सुस्त रहेगा लेकिन इस दौड़ में अडानी के साथ ही स्थितियां बदल गई है। अब इस नीलामी में हमें कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती नजर आ सकती है ।