Get App

घरेलू संस्थागत निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टरों की ले रहे शरण, जानिए क्या है इसका मतलब

IMF ने इसी हफ्ते की शुरुआत में भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में 0.80 फीसदी की कटौती करके इसको 7.4 फीसदी कर दिया है। IMF का कहना है कि ग्लोबल स्थितियां अच्छी नजर नहीं आ रही हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 28, 2022 पर 1:30 PM
घरेलू संस्थागत निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टरों की ले रहे शरण, जानिए क्या है इसका मतलब
SBI Mutual Fund ने अपने हाल में जारी नोट में कहा है कि मार्जिन पर दबाव और मांग में सुस्ती के चलते नियर टर्म में कंपनियों के प्रदर्शन में कमजोरी देखने को मिल सकती है

घरेलू संस्थागत निवेशक दुनिया में बढ़ती मैक्रो अनिश्चितताओं के बीच तथाकथित मंदी प्रूफ सेक्टरों की तरफ रुख कर रहे हैं। इस साल अब तक घरेलू निवेशक जिन सेक्टरों पर ‘overweight’ पोजिशन में है उनमें कंज्यूमर स्टेपल्स, कम्यूनिकेशंन सर्विसेज और यूटिलिटी जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन तीनों सेक्टरों को परंपरागत रुप से आर्थिक अनिश्चितता के दौर में कम जोखिम वाला सेक्टर माना जाता है।

घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) कंज्यूमर स्टेपल्स स्टॉक्स पर निफ्टी 50 इंडेक्स में उनके वेट की तुलना में 3.10 फीसदी ओवरवेट हैं। जबकि ये यूटिलिटी सेक्टर पर 2.10 फीसदी ओवरवेट हैं। ये आंकड़े Morgan Stanley विवरण पर आधारित हैं।

ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि हम इस समय मैक्रो- ड्रिवेन मार्केट में है। गौरतलब है कि हाल के बाउंसबैक को छोड़ दे तो ग्लोबल इक्विटी मार्केट लंबे समय से दबाव में है। पूरी दुनिया में ब्याज दरों में बढ़ोतरी, महंगाई के बढ़ते दबाव और रूस-यूक्रेन की लड़ाई के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की वजह से परेशानी देखने को मिल रही है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें