सरकार ने नैनो यूरिया प्रोडक्शन के मामले में बड़ा फैसला लिया है। अब सरकार ने नैनो यूरिया का प्रोडक्शन शुरू करने के बारे आज जानकारी दी। आज लोकसभा में देश के फर्टिलाइजर मिनिस्टर ने नैनो यूरिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मार्च 2024 तक देश में नैनो यूरिया का प्रोडक्शन शुरू हो जायेगा। नैनो यूरिया का प्रोडक्शन होने के साथ ही यूरिया बोतल में भी मिल सकेगा।
फर्टिलाइजर मंत्री ने कहा कि मार्च 2024 तक RCF से नैनो यूरिया का प्रोडक्शन शुरू हो जायेगा। आरसीएफ द्वारा नैनो यूरिया का सालाना उत्पादन 5 करोड़ बोतल तक हो सकेगा। प्रत्येक बोतल में 500 ml नैनो यूरिया होगी।
उन्होंने आगे कहा कि जुलाई 2024 तक NFL से नैनो यूरिया प्रोडक्शन शुरू होगा। 2025 तक IFFCO के 5 प्लांट से नैनो यूरिया का उत्पादन होगा। 2025 तक 44 करोड़ बोतल नैनो यूरिया का प्रोडक्शन होगा। मंत्री ने कहा कि यूरिया की पर्याप्त सप्लाई के लिए ओमान से LTA किया जायेगा।
सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने इस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुल मिलाकर सरकार ने अब नैनो यूरिया के प्रोडक्शन पर अपना फोकस बढ़ाया है। सरकरा द्वरा साल 2025 तक 44 करोड़ बोतल नैनो यूरिया का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। आरसीएफ, एनएफल और IFFCO के प्लांट से नैनो यूरिया का उत्पादन किया जायेगा।
इसके अलावा आज मंत्री ने ये जानकारी भी दी कि पिछले साल देश में यूरिया का रिकॉर्ड उत्पादन किया गया था। पिछले कारोबारी साल में देश में 250 लाख क्यूसेक टन यूरिया का उत्पादन किया गया था।
लक्ष्मण ने कहा कि इसके आगे फर्टिलाइजर का उत्पादन और बढ़ने की संभावना है क्योंकि सालचर फर्टिलाइजर यूनिट भी जल्द ही शुरू हो जाने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि सालचर यूनिट में सिंतबर 2024 से फर्टिलाजइर का उत्पादन शुरू हो सकेगा। बता दें कि सालचर फर्टिलाइजर प्लांट में आरसीएफ और एचसीआईएल का ज्वाइंट वेंचर यूनिट के रूप में काम करेगा।
इतना ही नहीं सरकार ने यूरिया की आपूर्ति को बरकरार रखने के लिए ओमान से भी एक लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट (LTA) किया है। इस एग्रीमेंट के तहत ओमान से 10 लाख क्यूसेक टन यूरिया का आयात किया जायेगा।