टाटा ग्रुप के केमिकल स्टॉक में 300% डिविडेंड देने की रिकॉर्ड तिथि से पहले आई गिरावट

टाटा ग्रुप की ये कंपनी एशिया, यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में उत्पादन करने के साथ ही सोडा ऐश बनाने वाली दुनिया का दूसरी सबसे बड़ी उत्पादक है

अपडेटेड Jun 06, 2022 पर 2:08 PM
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इस केमिकल स्टॉक में एक साल की अवधि में 38% से अधिक की गिरावट आई है जबकि इस साल अब तक ये 27% से ज्यादा टूटा है

टाटा ग्रुप की कंपनी रैलिस इंडिया लिमिटेड (Rallis India Limited) ने Q4FY22 रिजल्ट के साथ ही निवेशकों के लिए डिविडेंड का भी एलान किया था। कंपनी के शेयरों में सोमवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में बीएसई पर लगभग एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसी के साथ आज इसमें 199 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई। स्टॉक ने अपने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड तिथि से एक दिन पहले एक्स-डिविडेंड का कारोबार शुरू किया था जिसमें आज इस केमिकल शेयर में गिरावट नजर आई।

Rallis India Limited के निदेशक मंडल ने 21 अप्रैल 2022 को आयोजित अपनी बैठक में 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए प्रत्येक 1/- रुपये के शेयर के लिए 3/- रुपये प्रति इक्विटी शेयर यानी कि 300% डिविडेंड देने की सिफारिश की थी। बोर्ड की ये सिफारिश कंपनी की आगामी 74वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों के अनुमोदन के अधीन है। उक्त डिविडेंड की रिकॉर्ड तिथि मंगलवार, 7 जून, 2022 निर्धारित की गई है।

रैलिस इंडिया टाटा समूह की टाटा केमिकल्स कंपनी की सहायक कंपनी है। टाटा केमिकल्स कंपनी एशिया, यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के साथ सोडा ऐश का दुनिया का दूसरी सबसे बड़ी उत्पादक है।


रैलिस इंडिया ने जनवरी-मार्च 2020-21 के दौरान 8 करोड़ रुपये के मुनाफे की तुलना में, सीड्स बिजनेस सहित कई चुनौतियों के कारण मार्च 2022 तिमाही के दौरान 14 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड घाटा दर्ज किया था।

तिमाही के दौरान कंपनी की कंसोलिडेटेड आय 7.8% बढ़कर 508 करोड़ हो गई थी जबकि पिछले साल की समान तिमाही में ये 471 करोड़ रुपये रही थी।

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मिंट में छपी खबर के मुताबिक रैलिस इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजीव लाल ने कहा, "कंपनी ने वर्ष के दौरान कई बाधाओं के मद्देनजर लचीला प्रदर्शन दिया। हमारे घरेलू कॉर्प केयर कारोबार में 14% की वृद्धि हुई और वर्ष के दौरान निर्यात में 6% की वृद्धि हुई। हमारे बीज व्यवसाय को चुनौतियों का सामना करना पड़ा और आय में 13% की गिरावट आई।" उनके अनुसार सप्लाई की चुनौतियां चौथी तिमाही में जारी रहीं। लागत में तेज बढ़ोत्तरी और कुछ इंटरमीडियेट्स सामानों की उपलब्धता की दिक्कतें भी नजर आईं।

रैलिस इंडिया के शेयरों में एक साल की अवधि में 38% से अधिक की गिरावट आई है। वहीं टाटा समूह का ये रासायनिक स्टॉक 2022 में अब तक 27% से अधिक फिसल गया है।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

 

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