Paytm founder Vijay Shekhar Sharma : पेटीएम अपने फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा को एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस (employee stock options) देने में नियमों को दरकिनार कर सकती है। एक प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज (Institutional Investor Advisory Services) ने यह बात कही है। IiAS ने हाल के एक नोट में कहा कि भले ही शर्मा एक प्रमोटर के रूप में क्लासिफाइड नहीं है, लेकिन उनके पास बोर्ड में एक स्थायी सीट के साथ ही वैसे अधिकार हैं। IiAS ने कहा, ये प्रोविजन और स्ट्रक्चर विजय शेखर शर्मा को प्रमोटर फैमिलीज जैसे अधिकार देते हैं जो परम्परागत कंपनियों में होते हैं।
रेगुलेटर को करनी चाहिए मामले की जांच
प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म ने कहा कि रेगुलेटर को इक्विटी को पारिवारिक ट्रस्ट में स्थानांतरित करके अपनी प्रत्यक्ष हिस्सेदारी को कम करने के शर्मा के कदम की जांच करनी चाहिए, जिसके बिना वह Employee Stock Option Plan के लिए इलिजिबल नहीं होंगे।
भारतीय कानून कंपनी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के स्टॉक ऑप्शंस लेने पर रोक लगाते हैं। दरअसल, बीते साल IPO की लिस्टिंग के बाद पेटीएम के शेयर में 75 फीसदी की गिरावट के बाद वेतन या पे को लेकर स्क्रूटनी खासी बढ़ गई है। शर्मा ने बीते साल अप्रैल में कहा था कि वह कंपनी का मार्केट कैप लगतार आईपीओ के लेवल से ऊपर रहने की स्थिति में ही खुद को मिले स्टॉक को भुनाएंगे।
पेटीएम के स्पोक्सपर्सन ने दी यह प्रतिक्रिया
IiAS की रिपोर्ट पर दी प्रतिक्रिया में पेटीएम के स्पोक्सपर्सन ने उसी बयान को दोहराते हुए ब्लूमबर्ग को बताया कि कंपनी ने शर्मा के गैर प्रमोटर के रूप में क्लासिफिकेशन जुड़े कानून के सभी प्रोविजंस का पालन किया है। साथ ही ईसॉप्स के आवंटन में एक तय प्रक्रिया का पालन किया गया है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से जुड़ी हुई है। स्पोक्सपर्सन ने कहा, नवंबर 2020 से और 2025 तक के लिए शर्मा के वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
पेटीएम के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि शर्मा के रिअप्वाइंटमेंट और रिम्युनरेशन को कंपनी के नियमों के तहत अगस्त 2022 में शेयरहोल्डर्स ने मंजूरी दी थी। कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने 99.67 फीसदी मेजॉरिटी के साथ विजय शेखर शर्मा के समर्थन में 5 साल लिए एमडी और सीईओ नियुक्त करने के लिए वोट दिया था। इससे उनकी लीडरशिप के प्रति भरोसे का पता चलता है।
शर्मा को मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में 9 रुपये प्रति शेयर की दर से 2.1 करोड़ ऑप्शंस जारी किए गए हैं, जिनकी कीमत 50 करोड़ डॉलर है।