Paytm CEO Vijay Shekhar Sharma reappointment : एडवाइजरी फर्म इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (IiAS) ने विजय शेखर शर्मा की एक बार फिर से पांच साल के लिए सीईओ के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उसने इस पद के लिए प्रस्तावित वेतन यानी रिम्युनरेशन का भी विरोध किया है, जो सेंसेक्स 30 (Sensex 30) में शामिल कंपनियों के किसी भी अधिकारी से ज्यादा है। IiAS ने शेयरहोल्डर्स को कंपनी के इस कदम के खिलाफ वोट करने की सलाह दी है।
19 अगस्त को होगी एनुअल जनरल मीटिंग
पेटीएम (Paytm) की 19 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग से पहले आई उसकी एक रिपोर्ट में शेयरहोल्डर्स से शर्मा की पुनः नियुक्ति को मंजूरी देने की उम्मीद की गई है। इस पर IiAS ने कहा, “शर्मा ने कंपनी के प्रॉफिट को लेकर अतीत में कई वादे किए हैं, लेकिन ये पूरे नहीं हुए हैं। हम मानते हैं कि प्रबंधन को बोर्ड को पेशेवर बनाने पर विचार करना चाहिए।”
शर्मा को बोर्ड में मिल सकता है स्थायी पद
रिपोर्ट के मुताबिक, “हम बोर्ड की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि कंपनी के पास डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट के लोगों के उत्तराधिकार के क्रम के लिए एक प्रभावी उत्तराधिकार योजना है। हम इस बात चिंता जाहिर करते हैं कि वह (शर्मा) रोटेशन के तहत सेवानिवृत्ति के अधीन नहीं हैं और यदि वह एमडी के रूप अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद गैर कार्यकारी पद पर बने रहते हैं तो उन्हें बोर्ड में स्थायी पद मिल जाएगा।”
घाटे के बाद भी वेतन बढ़ोतरी पर उठाए सवाल
एडवाइजरी फर्म ने यह भी कहा कि पेटीएम का शेयर 2,150 रुपये के लिस्टिंग प्राइस की तुलना में 63.6 फीसदी गिरकर 11 अगस्त को 825.50 रुपये पर आ चुका है, जिससे शेयरहोल्डर्स की वेल्थ खासी घट चुकी है। इसके अलावा, पेटीएम को अप्रैल-जून तिमाही में 644 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रिपोर्ट कहती है, कंपनी मिनिमम रिम्युनरेशन के रूप में प्रस्तावित बढ़ोतरी के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांग रही है। ऐसे में घाटा बने रहने के बावजूद इसका भुगतान किया जाएगा।
IiAS के अनुमान के मुताबिक, शर्मा को 9 रुपये की दर से 2.1 करोड़ स्टॉक ऑप्शंस के साथ ही वित्त वर्ष 23 में 796 करोड़ रुपये से ज्यादा वेतन मिलने का अनुमान है।