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अगर एनडीए को मिला बहुमत तो अगले हफ्ते निफ्टी में दिखेगी रैली- निर्मल बंग के राहुल अरोड़ा

निर्मल बंग के सीईओ राहुल अरोड़ा ने कहा कि अगर एनडीए को बहुमत मिलता है तो बाजार में बूम आयेगा। उन्होंने ये भी कहा कि ज्यादा खुशफहमी में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार में जो भी एक्शन दिखेगा वह एक इवेंट बेस्ड एक्शन होगा। लेकिन अगले 5 सालों की बात करें तो बाजार में अच्छी कमाई के अवसर बनेंगे

Curated By: Sunil Guptaअपडेटेड Jun 04, 2024 पर 11:30 AM
अगर एनडीए को मिला बहुमत तो अगले हफ्ते निफ्टी में दिखेगी रैली- निर्मल बंग के राहुल अरोड़ा
राहुल अरोड़ा ने कहा कि इस समय उन्हें बैंकिंग सेक्टर के साथ एसबीआई का शेयर अच्छा लग रहा है। इसके साथ ही मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के स्टॉक्स भी अच्छे लग रहे हैं

आज देश के लिए बड़ा दिन है। आज आम चुनावों के नतीजों का दिन है। चुनावी नतीजों के रुझानों के हिसाब से आज बाजार में भारी उठापटक देखने को मिल रही है। बाजार ने कल की पूरी बढ़त गंवा दी है। आज बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी और सेंसेक्स भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स करीब 300 प्वाइंट गिर गया है। वहीं बैंक निफ्टी करीब 5.5 प्रतिशत गिर गया है। जबकि निफ्टी में 900 अंकों की गिरावट देखने को मिली है। इस बीच हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ निर्मल बंग के सीईओ राहुल अरोड़ा ने बातचीत करते हुए कहा कि अगर एनडीए को बहुमत मिलता है तो निफ्टी में जोरदार रैली देखने को मिलेगी।

राहुल अरोड़ा ने कहा कि अगर एनडीए को बहुमत मिलता है तो बाजार में बूम आयेगा। लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि ज्यादा यूफोरिया यानी कि खुशफहमी में नहीं रहना चाहिए। आज और आने वाले कुछ दिनों में बाजार में जो भी एक्शन दिखेगा वह एक इवेंट बेस्ड एक्शन होगा। चुनावों के नतीजों के कारण ये एक्शन बाजार में नजर आ सकता है। लेकिन अगले 5 सालों की बात करें तो बाजार में अच्छी कमाई के अवसर बनेंगे। इसलिए हम हमेशा लंबी अवधि के लिहाज से निवेश के अवसरों को तलाशते हैं और उसकी सलाह देते हैं।

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इस समय कौन से स्टॉक्स के अच्छे लग रहे हैं इस सवाल पर अरोड़ा ने कहा कि फिलहाल उन्हें एसबीआई का स्टॉक अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि एसबीआई के बारे में वे तब से कह रहे हैं जब ये 490 के करीब था जबकि आज ये 900 के करीब पहुंच गया है। लेकिन इस स्थिति में भी ये अच्छा लग रहा है। इसकी वजह ये है कि सरकार का झुकाव स्वदेशी बैंकों को आगे बढ़ाने की तरफ है।

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