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India vs China: खत्म हुआ भारतीय शेयरों को खरीदने और चाइनीज शेयरों को बेचने की स्ट्रैटेजी का दौर?

पिछले कुछ समय से स्टॉक मार्केट के निवेशक 'बाय इंडिया, सेल चाइना' की स्ट्रैटेजी पर चल रहे हैं यानी कि चीन के शेयरों को बेचकर भारतीय शेयरों की खरीदारी करो। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब यह स्ट्रैटेजी रिवर्स हो सकती है। लाजार्ड एसेट मैनेजमेंट (Lazard Asset Management), मनुलाइफ इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट (Manulife Investment Management) और कांड्रियम बेल्जियम एनवी (Candriam Belgium NV) रिकॉर्डतोड़ रैली के बाद अब भारत में निवेश कम कर रहे हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Apr 02, 2024 पर 9:11 AM
India vs China: खत्म हुआ भारतीय शेयरों को खरीदने और चाइनीज शेयरों को बेचने की स्ट्रैटेजी का दौर?
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी चीन को लेकर निवेशकों को रुझान तब और पॉजिटिव हुआ, जब इसका मैनुफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स एक साल में सबसे अधिक लेवल पर पहुंच गया।

पिछले कुछ समय से स्टॉक मार्केट के निवेशक 'बाय इंडिया, सेल चाइना' की स्ट्रैटेजी पर चल रहे हैं यानी कि चीन के शेयरों को बेचकर भारतीय शेयरों की खरीदारी करो। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब यह स्ट्रैटेजी रिवर्स हो सकती है। लाजार्ड एसेट मैनेजमेंट (Lazard Asset Management), मनुलाइफ इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट (Manulife Investment Management) और कांड्रियम बेल्जियम एनवी (Candriam Belgium NV) रिकॉर्डतोड़ रैली के बाद अब भारत में निवेश कम कर रहे हैं। अब वे अपने पसंदीदा फेवेरेट इनवेस्टमेंट प्लेस चाइना की तरफ रुख कर रहे हैं क्योंकि जिस तरह से चीन अपनी इकॉनमी को सपोर्ट देने की कोशिश कर रहा है, उससे यहां इंडस्ट्रियल प्रॉफिट और मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सकता है।

India vs China: कितना फर्क देख रहे निवेशक

ब्लूमबर्ग से लाजार्ड एसेट के प्रमुख (एमर्जिंग मार्केट्स) जेम्स डोनाल्ड ने कहा कि चीन सस्ते से सस्ता हो जा रहा है और चीन में उनके निवेश की वैल्यू बहुत कम हो चुकी है लेकिन निवेश के मौके बढ़ गए हैं। वहीं भारत की बात करें तो उनका कहना है कि हाई वैल्यूएशन के चलते यहां के शेयर उनके पोर्टफोलियो को नीचे खींच रहे हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि फंड हाउस यह मान रहे हैं कि चीन की नीतिगत समर्थन विकास को ट्रैक पर लाने के लिए पर्याप्त होगा। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी बैंक अगले दस साल के लिए भारत को निवेश के अहम लक्ष्य के रूप में देख रहे हैं।

HSBC होल्डिंग पीएलसी के मुताबिक उभरते बाजारों पर आधारित 90 फीसदी से अधिक फंड अब एक बार मेनलैंड चाइना के शेयरों की तरफ मुड़ रहे हैं और भारत में अपना एक्सपोजर कम कर रहे हैं। वैश्विक निवेशक लगातार दूसरे महीने मार्च में हॉन्ग कॉन्ग के रास्ते चाइनीज शेयरों की बिक्री से अधिक खरीदारी और इससे पहले ऐसा रुझान पिछले साल जून और जुलाई में दिखा था।

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