अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने का असर कई देशों खासकर खासकर एशिआई देशों की इकोनॉमीज पर पड़ा है। इससे उनकी करेंसी में कमजोरी आई है। सबसे ज्यादा असर इंडिया और इंडोनेशिया की करेंसी पर पड़ा है। इंडिया में रुपये पर दबाव बढ़ानें में घरेलू कारणों का भी हाथ रहा है। इससे यह सबसे ज्यादा कमजोर होने वाली करेंसी बन गई है।
