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Stock in Focus: टारगेट प्राइस में 29% की कटौती, दो वजहों से जेफरीज ने डबल डाउनग्रेड कर दी इस स्टॉक की रेटिंग

Stock in Focus: यहां एक ऐसे स्टॉक की डिटेल दी जा रही है, जिसकी रेटिंग वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने दो वजहों से न सिर्फ डबल डाउनग्रेड कर दी बल्कि इसके टारगेट प्राइस में भी 29% से अधिक की कटौती कर दी। अब जो टारगेट प्राइस फिक्स हुआ है, वह मौजूदा लेवल से 14% से भी अधिक डाउनसाइड है। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 12:16 PM
Stock in Focus: टारगेट प्राइस में 29% की कटौती, दो वजहों से जेफरीज ने डबल डाउनग्रेड कर दी इस स्टॉक की रेटिंग
जेफरीज ने Indus Towers के शेयरों का टारगेट प्राइस ₹530 से घटाकर ₹375 कर दिया है।

Indus Towers Shares: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इंडस टावर्स के शेयरों को डबल डाउनग्रेड कर खरीदारी से सीधे अंडरपरफॉर्म कर दी है। साथ ही 14 अप्रैल को जारी अपनी रिपोर्ट में इसके शेयरों का टारगेट प्राइस भी ₹530 से घटाकर ₹375 कर दिया है। इसका असर अब 15 अप्रैल को स्टॉक मार्केट में कारोबार शुरू होने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। आज 14 अप्रैल को डॉ बाबा साहेब बीआर आंबे़डकर जयंती पर स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद है। अभी इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो 13 अप्रैल को बीएसई पर यह 0.15% की बढ़त के साथ ₹438.50 (Indus Towers Share Price) पर बंद हुआ था।

दो वजहों से Indus Towers पर Jefferies बेयरेश

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने दो वजह से इंडस टावर्स की रेटिंग डबल डाउनग्रेड की है। पहली वजह तो ये है कि इस साल 2026 की दूसरी छमाही और अगले साल 2027 की पहली छमाही में साइट के रिन्यू का रिस्क है। इस दौरान साल 2016 की दूसरी छमाही और साल 2017 की पहली छमाही में लगाई गई बड़ी संख्या में साइट्स का रिन्यू होना है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इंडस्ट्री लेवल पर साइटों की संख्या में बढ़ोतरी की सुस्ती से बड़े रिन्यू के लिए कॉम्पटीशन बढ़ सकता है। इससे इंडस टावर्क को रिन्यूअल के दौरान अधिक छूट देना पड़ सकता है या दूसरी टावर कंपनियों में शिफ्ट होने का रिस्क झेलना पड़ सकता है।

जेफरीज के मुताबिक दूसरा रिस्क हाई ग्रोथ और मेंटेनेंस कैपेक्स के चलते कैपेक्स के बढ़े हुए लेवल्स हैं जिससे कंपनी की अर्निंग ग्रोथ के साथ-साथ फ्री कैश फ्लो और बाद के पेमेंट्स को भी प्रभावित कर सकती है। वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में टावरों की संख्या में 30% की कमी के बावजूद इंडस टावर्स का कैपेक्स सालाना आधार पर 38% बढ़ गया जो इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्सल से एडजस्ट करने के बावजूद 20% है। यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि मेंटेनेंस कैपेक्स इस दौरान 94% बढ़ा, जो कंपनी के कुल कैपेक्स का 25% है, क्योंकि पुराने पोर्टफोलियो के चलते मेंटेनेंस की जरूरतें बढ़ गई हैं। जेफरीज का मानना है कि इसमें कमी आने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

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