IPO Market : SME-IPO में निवेशकों का बड़ा नुकसान हुआ है । इस साल अब तक 27 SME IPO की लिस्टिंग हुई जिसमें से आधे से ज्यादा इश्यू प्राइस के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इस साल लिस्ट हुए SME-IPO के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 27 में से 15 IPO, इश्यू प्राइस के नीचे नजर आ रहे हैं। 5 शेयर तो इश्यू प्राइस से 50 फीसदी नीचे दिख रहे हैं। एरिटास विनाइल (Aritas Vinyl) की 23 जनवरी को 47 रुपए पर लिस्टिंग हुई थी। ये शेयर अपने इश्यू प्राइस से 70 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। इसी तरह यजुर फाइबर्स (Yajur Fibres) की लिस्टिंग 14 जनवरी को हुई थी। यह शेयर 132 रुपए पर इश्यू हुआ था। अभी यह अपने इश्यू प्राइस से 67 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।
विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल (Victory Electric Vehicles) की 14 जनवरी को 41 रुपए पर लिस्टिंग हुई थी। ये शेयर अपने इश्यू प्राइस से 55 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। आर्मर सिक्योरिटी इंडिया (Armour Security India) की 22 जनवरी को 57 रुपए पर लिस्टिंग हुई थी। ये शेयर अपने इश्यू प्राइस से 55 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। कनिष्क एल्युमिनियम (Kanishk Aluminium) की 04 जनवरी को 73 रुपए पर लिस्टिंग हुई थी। ये शेयर अपने इश्यू प्राइस से 42 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।
कमजोर सब्सक्रिप्शन,ऊंची वैल्यूएशन,कमजोर फंडामेंटल और बाजार की अस्थिरता के कारण लिस्टिंग के बाद कई शेयरों में तेज गिरावट आई है,जिससे रिटेल निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल,एसएमई आईपीओ में रिस्क बहुत ज्यादा है। निवेश करने से पहले अच्छी रिसर्च करें। कंपनी के फंडामेंटल्स देखें और सिर्फ उतना पैसा लगाएं जितना आप रिस्क उठा सकते हैं।
SEBI ने SME-IPO बाजार को रेग्युलेट करने के लिए जुलाई 2024 में लिंस्टिंग डे गेन पर 90 फीसदी का कैप लगा दिया। दिसंबर 2024 में OFS के लिए 20 फीसदी कैपिंग का एलान किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि ओएफएस लाने के लिए 2-3 वित्त वर्ष में कंपनी का EBITDA कम से कम 1 करोड़ रुपए होना चाहिए। 1 जुलाई,2025 को न्यूनतम आवेदन राशि से 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई। वहीं, जनवरी 2026 में इश्यू मैनेज करने के लिए बैंकर का नेटवर्थ 50+ करोड़ रुपए होना जरूरी कर दिया गया।