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बढ़ती महंगाई के कारण स्मॉल-मिडकैप शेयरों का रिटर्न लार्जकैप से बेहतर होना मुश्किल: अनिरुद्ध नाहा

पिछले 2 वर्षों के मजबूत प्रदर्शन के बाद अब हमें बाजार में हल्के रिटर्न की ही उम्मीद है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 13, 2022 पर 11:43 AM
बढ़ती महंगाई के कारण स्मॉल-मिडकैप शेयरों का रिटर्न लार्जकैप से बेहतर होना मुश्किल: अनिरुद्ध नाहा
लॉर्ज कैप शेयरों में करेक्शन हो चुका है। अब इनका वैल्यूएशन इनके लॉन्ग टर्म एवरेज के अनुरुप नजर आ रहा है

PGIM India MF के अनिरुद्ध नाहा (Aniruddha Naha) ने कहा है कि महंगाई 7 फीसदी के आसपास चक्कर लगा रही है। ऐसे में कंपनियों के मार्जिन और मुनाफे पर बाजार की करीबी नजर बनी हुई है। बाजार के कुछ पॉकेट्स में वैल्यूएशन को लेकर चिंता है लेकिन यह अधिकांशत: अपने लॉन्ग टर्म एवरेज के मुताबिक ही है।

मनीकंट्रोल से बातचीत में नाहा नेआगे कहा कि लॉर्ज कैप शेयरों में करेक्शन हो चुका है। अब इनका वैल्यूएशन इनके लॉन्ग टर्म एवरेज के हिसाब से ठीक है। ऐसे में मिड और स्मॉलकैप शेयरों के लिए इस वित्त वर्ष में लॉर्ज कैप की तुलना में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करना चुनौतिपूर्ण होगा।

उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि कमोडिटी और एनर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते महंगाई बढ़ी है। आगे हमें खाने-पीने की चीजो में भी महंगाई बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यूएस फेड ने ब्याज दर बढ़ाने और मौद्रिक नीतियों में कड़ाई लाने के साफ संकेत दे दिये हैं। इस बीच अमेरिकी इकोनॉमी में नियर फ्यूचर में सुस्ती आने के भी संकेत दिख रहे हैं। ऐसे में यूएस फेड के सामने बढ़ती महंगाई और आर्थिक मंदी की संभावना ने दुविधापूर्ण स्थिति पैदा कर दी है।

इस बात की ज्यादा संभावना है कि यूएस फेड महंगाई से निपटने को पहली वरीयता देगा। भारत के संदर्भ में कमोडिटी और एनर्जी की बढ़ती कीमतों के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी वजह से आगे कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर निश्चित तौर से दबाव देखने को मिलेगा। कंपनियां अपने प्रोडक्ट के भाव बढ़ाकर इस समस्या ने निपटने की कोशिश करेंगी लेकिन महंगाई के इस स्तर को देखते हुए नहीं लगता कि कंपनियां बिना टॉप लाइन ग्रोथ पर असर पड़े इसको पूरी तरह से अंतिम उपभोक्ताओं पर पास ऑन कर पाएंगी। हालांकि कमोडिटी की महंगाई से ऐसी कंपनियों को फायदा भी हो सकता है जो कमोडिटीज के उत्पादन में है।

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