Bharti Airtel Share Price: आज मार्केट की भारी गिरावट में भारती एयरटेल के शेयरों में मामूली सुस्ती दिख रही है। इसके शेयर 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 772 रुपये के भाव पर हैं जबकि BSE Sensex इसकी तुलना में 1.30 फीसदी कमजोर होकर 59,030.59 पर है। एयरटेल के शेयरों को वैश्विक रिसर्च फर्म जेफरीज की रेटिंग से सपोर्ट मिल रहा है। जेफरीज ने इसकी रेटिंग को अपग्रेड कर Buy कर दिया है। रिसर्च फर्म ने इसमें निवेश के लिए 900 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है। यह मौजूदा लेवल से 17 फीसदी अपसाइड है।
Bharti Airtel पर Jefferies क्यों लगा रही दांव
जेफरीज के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-25 के दौरान एयरटेल का प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू (ARPU) 12 फीसदी की दर से बढ़ सकता है। पिछले जुलाई-दिसंबर 2022 में इसका डेली एआरपीयू 4.4 फीसदी बढ़ा था। अभी इसके 10.7 करोड़ वॉइस सब्सक्राइबर्स डेटा पर अपग्रेड नहीं हुए हैं और इनके अपग्रेड होने के बाद कंपनी का एआरपीयू सालाना 4-5 फीसदी बढ़ सकता है। 5जी के लागू होने के बाद टेलीकॉम मार्केट में इसकी हिस्सेदारी बढ़ सकती है। हालांकि जेफरीज ने टैरिफ हाइक में देरी के चलते अपने अनुमान में 1-4 फीसदी की कटौती भी की है।
जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023-25 में सिर्फ इस साल 2023 में एक बार 15 फीसदी की टैरिफ हाइक हो सकती है। एयरटेल ने देश के 22 में से 19 सर्किल्स में न्यूनतम रिचार्ज प्लान 99 रुपये से बढ़ाकर 155 रुपये कर दिया है। जिन सर्किल्स में इसने एंट्री प्लान को बढ़ाया है, वहां से इसका 90 फीसदी से अधिक रेवेन्यू आता है। मिनिमम रिचार्ज प्लान बढ़ाए जाने पर वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में इसका रेवेन्यू 2 फीसदी और बढ़ जाएगा।
टेलीकॉम मार्केट में डुओपॉली की बन रही स्थिति
सरकार के सपोर्ट से वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) फंड जुटा सकती है। भारती एयरटेल की अगले तीन साल में 900 करोड़ डॉलर और रिलायंस जियो (Reliance Jio) की 2500 करोड़ डॉलर खर्च करने की योजना है। हालांकि जेफरीज के मुताबिक 5जी शुरू होने के बाद अब वोडाफोन आइडिया मार्केट शेयर खो सकता है और टेलीकॉम मार्केट में डुओपॉली यानी सिर्फ दो कंपनियों के दबदबे वाली स्थिति बन सकती है। दिसंबर 2022 तिमाही में वोडाफोन पहले ही मेट्रो सर्किल्स में 3 फीसदी मार्केट शेयर खो चुकी है। हाल ही में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा था कि एयरटेल की बैलेंस शीट हेल्दी है और इसे अब अधिक पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं है।
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