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Jet Airways: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 1.43 लाख रिटेल शेयरहोल्डर्स बर्बाद होने की कगार पर

Jet Airways Liquidation Order: अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज ने ऑपरेशंस बंद कर दिए क्योंकि इसका कर्ज 7,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया था। 2023 तक जेट के रिवाइवल की उम्मीदें फीकी पड़ने लगी थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने जेट एयरवेज के दिवालियापन की लंबी कहानी को खत्म कर दिया

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 07, 2024 पर 8:36 PM
Jet Airways: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 1.43 लाख रिटेल शेयरहोल्डर्स बर्बाद होने की कगार पर
जेट एयरवेज का शेयर 7 नवंबर को बीएसई पर 5 प्रतिशत गिरकर 34.04 रुपये पर लोअर सर्किट में बंद हुआ।

Jet Airways Liquidation: जेट एयरवेज के रिवाइवल पर दांव लगाने वाले करीब 1.43 लाख रिटेल इनवेस्टर्स 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से कंपनी के लिक्विडेशन के आदेश के बाद बर्बाद होने की कगार पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बंद हो चुकी एयरलाइन की खरीद के लिए जालान कलरॉक कंसोर्शियम की बोली को खारिज कर दिया। साथ ही कंसोर्शियम की ओर से कंपनी में डाले गए 200 करोड़ रुपये जब्त करने और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाले कर्जदाताओं के समूह को 150 करोड़ रुपये की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भुनाने की भी इजाजत दे दी।

जेट एयरवेज का शेयर इस आदेश के बाद बीएसई पर 5 प्रतिशत गिरकर 34.04 रुपये पर लोअर सर्किट में बंद हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें अप्रूव्ड रिजॉल्यूशन प्लान के तहत जेट को जालान-कलरॉक कंसोर्शियम (जेकेसी) को ट्रांसफर करने को बरकरार रखा गया था। कंसोर्शियम, रिजॉल्यूशन प्लान में निर्धारित समय के अंदर पैसे की पहली किस्त डालने में भी विफल रहा।

रिटेल इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी 19% से ज्यादा

30 सितंबर 2024 तक जेट एयरवेज में ऐसे रिटेल इनवेस्टर्स, जिनकी इनवेस्ट की हुई कैपिटल 2 लाख रुपये से कम है, की 19.29 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अन्य प्रमुख शेयरधारकों में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पंजाब नेशनल बैंक, 24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ एतिहाद एयरवेज और 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पुराने प्रमोटर शामिल हैं। 386.69 करोड़ रुपये के मौजूदा मार्केट कैप पर जेट में रिटेल शेयरहोल्डिंग 74.6 करोड़ रुपये है।

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