यह अमेरिकी मार्केट की सबसे खराब मंदी हो सकती है: Jim Rogers

Jim Rogers ने कहा कि स्टॉक मार्केट्स पिछले 12-13 साल से चढ़ रहे थे। यह अमेरिकी हिस्ट्री में तेजी का सबसे लंबा दौर है। एक मंदी का दौर आना बाकी था

अपडेटेड Jun 14, 2022 पर 2:32 PM
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रोजर्स ने कहा कि उनके पास बहुत डॉलर है। इसकी वजह यह नहीं है कि यह मजबूत करेंसी है बल्कि यह है कि संकट के दौर में लोग इसे सबसे सुरक्षित मानते हैं।

इनवेस्टमेंट गुरु Jim Rogers का मानना है कि यह अमेरिकी मार्केट की सबसे खराब मंदी हो सकती है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट (US Stock Market) जनवरी के अपने रिकॉर्ड हाई से 20 फीसदी गिर चुके हैं। अब उनके मंदी में प्रवेश कर जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। रोजर्स ने बिजनेस न्यूज चैनल ईटी नाउ को दिए इंटरव्यू में यह बात कही।

रोजर्स ने कहा कि अमेरिका में यह बियर मार्केट उनकी जिंदगी का सबसे खराब बियर मार्केट हो सकता है। इसका मतलब है कि आगे अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में और गिरावट आएगी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक मंगलवार को शुरू हो रही है। इसके नतीजें बुधवार को आएंगे।

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उन्होंने कहा कि स्टॉक मार्केट्स पिछले 12-13 साल से चढ़ रहे थे। यह अमेरिकी हिस्ट्री में तेजी का सबसे लंबा दौर है। एक मंदी का दौर आना बाकी था। उनका मानना है कि आज दुनिया में बहुत ज्यादा निराशा है। उन्होंने कहा कि कई देशों में शेयरों की कीमतें बहुत महंगी हो चुकी हैं। इनफ्लेशन फिर से बढ़ रहा है।

Street Smarts: Adventures on the Road and in the Markets नाम से किताब लिखने वाले रोजर्स ने कहा कि मैं लोगों को डरा नहीं रहा हूं। लेकिन, हमने हमेशा बियर मार्केट देखा है। अब हम फिर से इसे देखने जा रहे हैं। इस बार यह बहुत खराब होने जा रहा है।

बहुत ज्यादा निराशा के बीच एक अच्छी खबर आने से भी मार्केट में बड़ी तेजी आती है। मौजूदा हालात में यूक्रेन में शांति की खबर आ सकती है। लेकिन यह ऐसी अंतिम रैली होगी। उन्होंने कहा कि हमने 2008 में कर्ज की वजह से बियर मार्केट देखा है। तब से यूरोप, अमेरिका, जापान या इंडिया- हर जगह कर्ज का स्तर बहुत बढ़ गया है।

रोजर्स ने कहा कि उनके पास बहुत डॉलर है। इसकी वजह यह नहीं है कि यह मजबूत करेंसी है बल्कि यह है कि संकट के दौर में लोग इसे सबसे सुरक्षित मानते हैं। जब डॉलर की कीमत बहुत बढ़ जाती है, जब एक बुलबुला बना जाता है, मैं स्मार्टली इससे बाहर निकल जाता हूं।

उन्होंने कहा कि क्रूड की कीमतें बहुत बढ़ जाने पर कई देशों को दिक्कत हो जाती है। लेकिन, चूंकि कई देशों ने कोयले की माइंस और न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बंद कर दिए हैं, जिससे क्रूड में तेजी आना तय है।

क्रिप्टोकरेंसी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उनके पास कोई क्रिप्टो नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे क्रिप्टो नहीं खरीदेंगे। अगर इसकी कीमतें और गिर जाती हैं तो भी वह इसे नहीं खरीदेंगे।

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