कोटक महिद्रा बैंक में कथित फ्रॉड का मामला सामने आया है। यह हरियाणा के पंचकूला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मिसिंग फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़ा है। सीएनबीसी आवाज ने 25 मार्च को यह खबर दी। बताया जाता है कि पंचकूला म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन के फिक्स्ड डिपॉजिट का पैसा दूसरे अकाउंट्स में डायवर्ट कर दिए गए। इस फ्रॉड का पता तब चला जब कॉर्पोरेशन ने एक एफडी के मैच्योर होने पर बैंक को अपना पैसा ट्रांसफर करने को कहा।
फ्रॉड को ऐसे दिया गया अंजाम
बताया जाता है कि बैंक के स्टेटमेंट के मुताबिक यह पैसा कॉर्पोरेशन को ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन, यह पैसा कॉर्पोरेशन के पास नहीं पहुंचा। जांच में पाया गया कि यह स्टेटेमेंट फर्जी था और पैसा किसी और अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसका मकसद फ्रॉड था। कोटक महिंद्रा बैंक ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। उसने पंचकूला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से जुड़े अकाउंट्स और एफडी का रिकॉन्सिलेशन शुरू किया है।
कुल फ्रॉड 160 करोड़ रुपये का
जांच के बाद इस तरह की गड़बड़ियां दूसरे एफडीआर में भी पाई गईं। इस तरह कुल फ्रॉड करीब 160 करोड़ रुपये का बताया जाता है। कॉर्पोरेशन के मुताबिक, यह मामला स्टेट विजिलेंस को सौंप दिया गया है। बताया जाता है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कॉर्पोरेशन के एफडीआर काफी पुराने
कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा है कि अकाउंट्स और ट्रांजैक्शंस तय प्रक्रिया और रेगुलेटरी रिक्वायरमेंट के मुताबिक हैंडल किए गए। पंचकूला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर विनय कुमार ने 24 मार्च को कहा, "कुछ एफडीआर बैंक की पंचकूला ब्रांच में लंबे समय से थे। एक एफडीआर की मैच्योरिटी के बाद जब बैंक को फंड ट्रांसफर करने को कहा गया तब कुछ गड़बड़ियां पाईं गई।"
कॉर्पोरेशन के निर्देश पर बैंक ने लिया एक्शन
इस खबर में कहा गया है कि यह फ्रॉड 150-160 करोड़ रुपये का हो सकता है। कोटक महिंद्रा बैंक ने ईटी नाउ चैनल को बताया, "म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ पंचकूला के निर्देश पर एक्शन लिया गया और रिकॉर्ड्स को रिव्यू करने से पता चला कि अकाउंट ओपनिंग, केवायसी और अथॉराइज्ड सिग्नेटरीज सही हैं।" बैंक ने कहा है, "अमाउंट के बड़े हिस्से को पहले ही रिकंसाइल कर लिया गया है।"
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में भी हुआ था फ्रॉड
कोटक महिंद्रा बैंक ने ईटी नाउ को बताया, "स्वतंत्र जांच के लिए पंचकूल पुलिस के पास औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है और इस कदम का मकसद गवर्नेंस फ्रेमवर्क के तहत व्यापक जांच है।" इससे पहले आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में फ्रॉड का मामला सामने आया था। बैंक ने हाल में बताया था कि कुछ एंप्लॉयीज और अन्य लोगों ने मिलकर 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया। यह मामला हरियाणा सरकार के अकाउंट्स से जुड़ा था।
कोटक बैंक के शेयरों में गिरावट
कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर में 25 मार्च को गिरावट देखने को मिली। शेयर 1 बजे के करीब 0.64 फीसदी गिरकर 362 रुपये चल रहा था। इस साल यह शेयर करीब 18 फीसदी गिरा है, जबकि बीते एक साल में इसमें 16 फीसदी कमजोरी आई है।