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3 Gs के चलते भारत में आएगा लॉन्ग टर्म विदेशी निवेश, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर भरेगा ऊंची उड़ान: नीलेश शाह

Daily Voice:म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का 26 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले नीलेश शाह ने आगे कहा कि अमेरिकी में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी बाजार और यूएस फेड के बीच रस्सा कसी चल रही है। फेड के चेयरमैन ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वित्त वर्ष 2023 में दरों में दो बढ़ोतरी और हो सकती है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 22, 2023 पर 6:17 PM
3 Gs के चलते भारत में आएगा लॉन्ग टर्म विदेशी निवेश, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर भरेगा ऊंची उड़ान: नीलेश शाह
नीलेश ने कहा कि इस कैलेंडर ईयर में आरबीआई की तरफ से दरों में बढ़ोतरी की संभावना नजर नहीं आ रही है। बाजार से लिक्विडिटी खींचने और रेट बढ़ाने के मामले में आरबीआई प्रो एक्टिव रहा है

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Kotak Mahindra Asset Management Company) के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर बुलिश हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि चीन+1 रणनीति भारत सहित अन्य देशों में ग्लोबल सोर्सिंग को बढ़ावा दे रहा है। उनका मानना है कि लोकल और ग्लोबल मार्केट को सप्लाई करने वाली कॉम्पिटीटिव कंपनियां आने वाले दिनों, महीनों, तिमाहियों और सालो में अच्छा प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि भारत इस समय दुनिया भर के निवेशकों को शानदार थ्री जी उपलब्ध करवा रहा है जिससे देश में लॉन्ग टर्म एफपीआई आता दिख सकता है। यहां नीलेश के 3G का अर्थ सांकेतिक है। इस थ्री जी का पहला G है बेटर अर्निंग ग्रोथ। दूसर G है गुड गवर्नेंस और तीसरा G है ग्रीन ट्रांसफार्मेशन।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का 26 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले नीलेश शाह ने आगे कहा कि अमेरिकी में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी बाजार और यूएस फेड के बीच रस्सा कसी चल रही है। फेड के चेयरमैन ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वित्त वर्ष 2023 में दरों में दो बढ़ोतरी और हो सकती है। मार्केट को उम्मीद है कि इनमें से पहली दर बढ़ोतरी 25 बेसिस प्वाइंट की होगी। अमेरिकी बाजार और यूएस फेड के बीच आम धारणा है कि अभी दरों में बढ़ोतरी थमी नहीं है।

7 फीसदी ग्रोथ का लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल

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