Stock market: भारतीय इक्विटी बाजार पिछले कारोबारी सत्र की बढ़त को गंवाते हुए 22 जून के उतार-चढ़ाव भरे सत्र में निचले स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 284.26 अंक या 0.45 फीसदी गिरकर 63238.89 पर और निफ्टी 85.50 अंक या 0.45 फीसदी गिरकर 18771.30 पर बंद हुआ। आज लगभग 1294 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं, 2139 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। जबकि 123 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। कमजोर शुरुआत के बावजूद, निफ्टी आज फिर से 18887.60 की रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबारी सत्र में सेंसेक्स ने 63601.71 का नया हाई बनाया। हालांकि, कारोबारी सत्र के दूसरे भाग में सभी क्षेत्रों में बिकवाली के साथ बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली।
टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाटा मोटर्स और एशियन पेंट्स निफ्टी के टॉप लूजर रहे। जबकि डिविस लेबोरेटरीज, एलएंडटी, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल निफ्टी के टॉप गेनर रहे। पीएसयू बैंक और पावर में 1 फीसदी की गिरावट के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल रंग में बंद हुए हैं। तेल और गैस, मेटल, एफएमसीजी, फार्मा और आईटी में 0.5 फीसदी की गिरावट आई।
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बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 फीसदी गिरे हैं। इंडिया सीमेंट्स, आदित्य बिड़ला कैपिटल और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला है। जबकि मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, बलरामपुर चीनी मिल्स और पॉलीकैब इंडिया में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
अलग-अलग शेयरों की बात करें तो इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, इंडिया सीमेंट्स, ग्लेनमार्क फार्मा के वॉल्यूम में 5000 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। बीएसई पर अपने 52-वीक हाई को छूने वाले शेयरों में एलएंडटी, अपोलो टायर्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, गायत्री शुगर्स, हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन, संसेरा इंजीनियरिंग और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग के नाम शामिल हैं।
23 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का कहना है कि कमजोर ग्लोबल संकेतों के अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के महंगाई के शांत होने में अधिक समय लगने के बयान ने निवेशकों के बीच घबराहट पैदा कर दी क्योंकि इसका मतलब है कि दरों में और बढ़ोतरी होने वाली है। हालांकि आज खास बात ये थी कि मुनाफावसूली के कारण फिसलने के पहले सेंसेक्स एक बार फिर नई ऊंचाई पर पहुंच गया। तकनीकी नजरिए से देखें तो इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी ने डबल टॉप फॉर्मेशन बनाया है और डेली चार्ट पर एक बियरिश कैंडल भी बनाई है जो काफी हद तक नकारात्मक है। डे ट्रेडर्स के लिए 18850 तत्काल प्रतिरोध स्तर होगा। जिसके नीचे बाजार 18700-18650 के स्तर को दोबारा छू सकता है। दूसरी तरफ, 18850 के पार होने के बाद ही नई तेजी संभव है। इस ब्रेकआउट के बाद, निफ्टी के 18900-18935 तक बढ़ने की संभावना है।
शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि निफ्टी में आज उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बाजार आज तेजी के साथ खुला, हालांकि इसको ऊपरी स्तरों पर बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा। कारोबार के अंत में निफ्टी 85 अंक नीचे लाल निशान में बंद हुआ। डेली चार्ट पर, हम देख सकते हैं कि निफ्टी को 18870 -18900 के क्षेत्र में कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रयासों के बावजूद, यह इसे पार करने में असफल रहा है।
ऑवरली मोमेंटम इंडीकेटर में एक निगेटिव क्रॉसओवर देखने को मिल रहा है जो बिकवाली का संकेत है। ये निफ्टी में कमजोरी का कारण बन सकता है। नीचे की तरफ निफ्टी 18808 -18783 के रेंज में स्थित ऑवरली मूविंग एवरेज के आसपास कारोबार कर रहा है जो सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। बोलिंगर बैंड भी सिकुड़ रहे हैं जिससे संकेत मिलता है कि ट्रेंडिंग मूव्स फिर से शुरू होने के पहले और कंसोलीडेशन हो सकता है।
कुल मिलाकर कहें तो इंडेक्स में तेजी के संकेत कायम है। निफ्टी 19000 के लक्ष्य की तरफ जाने के लिए तैयार है। निफ्टी के लिए 18700-18660 पर सपोर्ट है जबकि 18880 - 18900 पर प्रतिरोध नजर आ रहा है।
जहां तक बैंक निफ्टी का सवाल है इसके लिए 43976 के 20-डे मूविंग एवरेज ने एक कड़े प्रतिरोध के रूप में काम किया और सूचकांक इसे पार करने में असमर्थ रहा है। बैंक निफ्टी अभी भी एक दायरे में फंसा हुआ है और जब तक किसी भी तरफ से 44000 - 43500 का ये दायरा निर्णायक रूप से टूट नहीं जाता, तब तक ये रेंजबाउंड ही रहेगा।
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