Mahendra Realtors IPO Listing: रिपेयरिंग सर्विसेज मुहैया कराने वाली महेंद्र रिएल्टर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों की आज NSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और इसे ओवरऑल 25 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹85 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹68.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी पूंजी ही 20% घट गई। आईपीओ निवेशकों की थोड़ी ही देर में और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹64.60 (Mahendra Realtors Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 24.00% घाटे में हैं।
Mahendra Realtors IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
महेंद्र रिएल्टर्स का ₹49.45 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 25.15 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 43.57 गुना (एंकरबुक का हिस्सा छोड़कर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 27.02 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 25.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹40.18 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 10,91,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹30.40 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Mahendra Realtors के बारे में
जून 2007 में महेंद्र रिएल्टर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर स्ट्रक्चरल रिपेयर, रिहैबिलिटेशन, रेट्रोफिटिंग, वाटरप्रूफिंग, कॉरपोरेट इंटीरियिर्स, बीओटी प्रोजेक्ट्स, मेंटेनेंस, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्टॉर्शन जैसी सर्विसेज मुहैया कराती है। कंपनी सिडको वाशी और बेलापुर रेलवे स्टेशंस जैसे कई सरकारी विभागों और सरकारी संगठनों में काम किया है। यह 50 से अधिक क्लाइंट्स के लिए 200 से अधिक प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है जो औसतन समय पर पूरे हुए हैं। दिसंबर 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹4.04 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹11.58 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹14.87 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 39% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹128.69 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी पर कर्ज में उतार-चढ़ाव रहा जोकि वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में ₹43.64 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 के आखिरी में ₹16.13 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025 के आखिरी में ₹27.81 करोड़ पर पहुंच गया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।