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भारतीय एक्सपोर्ट को मिलेगा कमजोर रुपये का फायदा, ट्रंप की नीतियों से भी भारत को मिलेगी मदद: मार्क मोबियस

इमर्जिंग मार्केट्स से जुडे़ जाने-माने निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) का मानना है कि भारत की एक्सपोर्ट कंपनियों को कमजोर रुपये के साथ-साथ आगामी ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की नीतियों का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि चीन के बाद भारत अब मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट की स्वाभाविक पसंद बन गया है, जिसका फायदा भी उसे मिला है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 03, 2025 पर 10:45 PM
भारतीय एक्सपोर्ट को मिलेगा कमजोर रुपये का फायदा, ट्रंप की नीतियों से भी भारत को मिलेगी मदद: मार्क मोबियस
मार्क मोबियस का यह भी कहना था कि वैल्यूएशंस को लेकर चिंताओं को ग्रोथ की संभावना के चश्मे से भी देखा जाना चाहिए।

इमर्जिंग मार्केट्स से जुडे़ जाने-माने निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) का मानना है कि भारत की एक्सपोर्ट कंपनियों को कमजोर रुपये के साथ-साथ आगामी ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की नीतियों का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि चीन के बाद भारत अब मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट की स्वाभाविक पसंद बन गया है, जिसका फायदा भी उसे मिला है।

सीएनबीसी-टीवी18 के साथ बातचीत में मोबियस इमर्जिंग मार्केट्स फंड के मुखिया मार्क मोबियस ने कहा कि भारतीय इकाइयां ग्लोबल ट्रेड और बिजनेस में ज्यादा अवसर हासिल कर रही हैं, लिहाजा एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी हो रही है। मोबियस ने कहा, 'भारत का एक्सपोर्ट अब शानदार बढ़ोतरी के डलिए तैयार है और अब न सिर्फ सॉफ्टवेयर बल्कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक्सपोर्ट रफ्तार पकड़ रहा है।'

आने वाले समय में भी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी जारी रहेगी। इस वजह से भारत का ट्रेड डेफिसिट भी बढ़ेगा। मोबियन का मानना है कि जिन भारतीय कंपनियों की आय डॉलर में होगी, उनकी बेहतर परफॉर्मेंस जारी रहेगी। उन्होंने कहा, 'इंफोसिस जैसी जो कंपनियां एक्सपोर्ट कर रही हैं, कमजोर रुपये के कारण वे ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकेंगी।'

उनका यह भी कहना था कि वैल्यूएशंस को लेकर चिंताओं को ग्रोथ की संभावना के चश्मे से भी देखा जाना चाहिए और निवेशकों को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि ये शेयर बेहद कम समय में काफी ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। मोबियस के मुताबिक, अगर अर्निंग की सही दिशा बरकरार रहती है, तो इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी।

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