उभरते बाजारों के निवेश गुरू और मोबियस कैपिटल पार्टनर्स के को-फाउंडर मार्क मोबियस ने पद छोड़ने और दुनिया भर के उभरते बाजारों में टेक्नोलॉजी और ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से संबंधित शेयरों में निवेश करने के लिए दुबई में एक बेस बनाने का फैसला लिया है। लेकिन इसके पीछे तर्क क्या है? इस पर 87 वर्षीय मार्क मोबियस ने सीएनबीसी टीवी-18 के साथ बातचीत में कहा कि वे उभरते बाजारों में ही कारोबार करेंगे लेकिन उनका फोकस टेक्नोलॉजी पर होगा। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि वे ऐसी कंपनियों की तलाश कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर AI या ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करती हैं और भारत शायद इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।
हालांकि मोबियस ने अभी तक भारत में ऐसी खास कंपनियों की पहचान नहीं की है। लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनके लिए टेक्नोलॉजी स्टॉक वे हैं जो अपनी प्रॉफिटिविलिटी और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं।
उभरते बाजारों के गुरु मार्क मोबियस ने इस बातचीत में आगे कहा कि इस समय उनकी सबसे ज्यादा दिलचस्पी उन सॉफ्टवेयर कंपनियों में है जो एआई उपकरण विकसित करती हैं। इसके तुरंत बाद उन कंपनियों की ओर रुख होगा जो अपनी कार्यकुशलता में सुधार और रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल करती हैं।
जब मोबियस से दुनिया के लिए एआई उपकरण बनाने वाली सबसे अच्छी कंपनी के बारे में पूछा गया, तो मोबियस ने अमेज़ॅन को सबसे अच्छा उदाहरण बताया। ऐसा इसलिए है क्योंकि अमेज़ॅन अपने डिस्ट्रीब्यूशन और ग्राहक आधार को बेहतर बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल करता है।
भारत में होने वाले विदेशी निवेश पर बात करते हुए मार्क मोबियस ने कहा कि भारत में बहुत सारा विदेशी पैसा आने वाला है जो आम तौर पर अभी तक चीन की ओर जाता था। उन्होंने कहा की आगे भारत में बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश आएगा इसमें पोर्टफोलियो निवेश और निजी निवेश दोनों शामिल होंगे।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।