Market cues : मंगलवार को दोपहर करीब 2 बजे GIFT Nifty में लगभग 0.7 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिल रही। इसको देखते हुए लगता है कि बुधवार को घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty की मज़बूत शुरुआत हो सकती है। अच्छे ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते बाज़ार अपनी दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ सकते हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी ट्रेडिंग सत्र में सोमवार को बेंचमार्क सूचकांकों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों के कमजोर होते सेंटीमेंट थे। इसके अलावा, एशियाई बाजारों में कमजोरी और विदेशी फंडों के लगातार बाहर जाने का भी घरेलू इक्विटी बाजारों पर खराब असर पड़ा।
लगातार दूसरे सत्र में भी गिरावट का सिलसिला जारी रखते हुए,सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ था। दिन के दौरान,यह 1,809.09 अंक या 2.45 प्रतिशत गिरकर 71,774.13 पर आ गया था। वहीं, निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत गिरकर 22,331.40 पर बंद हुआ था। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि निफ्टी ओवरसोल्ड ज़ोन के करीब मंडरा रहा है।
Choice Equity Broking के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,150–22,200 की रेंज में है,जबकि रेजिस्टेंस 22,450 और 22,500 के बीच नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि Relative Strength Index (RSI) 32.01 पर है,जो यह दिखाता है कि इंडेक्स ओवरसोल्ड ज़ोन के करीब बना हुआ है और इसमें अंदरूनी कमज़ोरी बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि ट्रेंड की मज़बूती में किसी भी अच्छे सुधार का संकेत देने के लिए, 50 के मिड प्वाइट लेवल से ऊपर की टिकाऊ बढ़त ज़रूरी होगी।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी को डेली चार्ट पर राइजिंग ट्रेंडलाइन के ठीक ऊपर सपोर्ट मिलता दिख रहा है और डेली RSI पर एक हिडेन पॉजिटिव डाइवर्जेंस संभावित रिकवरी का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि इंडेक्स में बुधवार से उछाल देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 22,200 पर एक अहम सपोर्ट है। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि अगर इंडेक्स 22,200 के नीचे फिसल जाता है तो यह तेजी का नज़रिया खत्म हो जाएगा।
हालांकि, SAMCO Securities के एनालिस्ट्स ने कहा कि मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी कमज़ोर बने हुए हैं। RSI 30–32 के आस-पास घूम रहा है। यह इस बात का संकेत है कि बाज़ार में तेज़ी आने के बजाय मंदी का ज़ोर बना रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि कीमतों का व्यापक ढांचा यह दर्शाता है कि बाज़ार में खरीदारी को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं है और ऊपरी स्तरों से लगातार दबाव बना हुआ है।
HDFC Securities के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट,नंदिश शाह ने कहा कि Nifty का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है,क्योंकि यह अपने अहम मूविंग एवरेज और 23 मार्च के 22,471 के स्विंग लो से नीचे ट्रेड कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी रिकवरी की स्थिति में 22,800 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा, जबकि 21,700–21,900 का बैंड नीचे की तरफ सपोर्ट का काम कर सकता है।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 3,325.9 अंक या 4.41 प्रतिशत गिरा है,जबकि निफ्टी 975.05 अंक या 4.18 प्रतिशत नीचे आया है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में BSE बेंचमार्क 5,467.37 अंक या 7 प्रतिशत गिरा है। वहीं, निफ्टी 1,187.95 अंक या 5 प्रतिशत नीचे आया है।
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