Market insight : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज (Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार में आपको हर समय वोलैटिलिटी रहती है। लेकिन इस समय एक फर्क ये आ गया है कि शायद इंडियन निवेशकों ने पिछले 2-3 सालों से ये वोलैटिलिटी देखी नहीं थी। इस दौरान बाजार में एक तरफा तेजी रही थी। पिछले 18 महीनों में बाजार में वैल्यूएशन के लिहाज से जो डिसिप्लिन आया है वह बाजार के लिए लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी अच्छा साबित होगा। ये समय पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन का है। अब निवेशक भारतीय इक्विटी से पैसा निकलकर विदेशी इक्विटी में भी लगा रहे हैं।
अभी भी ये समझ में नहीं आ रहा है कि AI से कहां नुकसान होगा और कहां फायदा होगा। हमारा फोकस इस बात पर होना चाहिए कहां AI से फायदा होगा और कहां इससे नुकसान होगा। IT कंपनियों ने AI जैसे निवेश पर फोकस नहीं किया है। IT कंपनियों का फोकस सिर्फ डिविडेंड पर रहा है। IT कंपनियों के मैनेजमेंट में बदलाव की जरुरत है।
IT कंपनियां अपनी दुर्गति की जिम्मेदार खुद
आईटी कंपनियों ने अपना 85-90 फीसदी कैश फ्लो डिविडेंड में दिया है। सबके प्रोमेटरों ने अपने शौक पूरे किए लेकिन कंपनी का शेयर होल्डर वहीं का वहीं रह गया। इन्होंने डेटा सेंटर्स, टेक्नोलॉजी अपग्रेट और एआई में 1 पैसे की इन्वेस्टमेंट नहीं की। इन्होंने अपना बुरा वक्त खुद बुलाया है। ऐसा नहीं है कि इंडियन आईटी कंपनियां खत्म हो जाएगीं। लेकिन इनके मैनेजमेंट की सोच में बदलाव आना चाहिए। अगर ये कंपनियां अपने में बदलाव लाती हैं तो ग्लोबल मार्केट में काफी काम कर सकती हैं। जब आईटी कंपनियां समय की जरूरत के हिसाब से अपने को बदलेंगी नहीं तब तक आईटी स्टॉक्स में प्रॉब्लम बनी रहेगी।
ऑटो एंसिलियरी और मेटल-माइनिंग में एक्सपोजर बढ़ा
अजय श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने ऑटो एंसिलियरी और मेटल-माइनिंग में एक्सपोजर बढ़ाया है। उन बैंकों में निवेश किया है जहां FDI आ रहा है। AI से बैंकों की आगे लागत घटेगी। ऐसे में बैंकों पर नजर रखने की जरूरत है। इस समय हमें वैसी कंपनियों पर फोकस करना चाहिए जिन्हें AI से फायदा होगा। लंबी अवधि के लिए पावर स्पेस भी बेहतर नजर आ रहा है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।