Market insight : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए वाइट ओक कैपिटल एएमसी के सीईओ आशीष सोमैया ने कहा कि उननको लगता है कि थोड़े और टाइम बाजार में अनसर्टेनिटी रहेगी। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज कभी ओपन हो रहा है कभी क्लोज हो रहा है और मिडिल ईस्ट से काफी कंट्राडिक्टरी न्यूज़ आ रही है। इसका असर बाजार पर दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट पर नजर रहेगी। एक बात जरूर सामने निकल के आई है कि मिडिल ईस्ट वॉर के इकोनॉमिक फॉल आउट और पॉलिटिकल फॉल आउट को लेकर दुनिया की लीडरशिप सजग है। ऐसे में शायद यह लड़ाई बहुत ज्यादा न बढ़े। लेकिन इस वॉर के असर के बारे अभी कुछ बोलना मुश्किल है। ऐसे में बाजार में वोलेटिलिटी बरकरार रहेगी।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में एब्सोल्यूट परफॉर्मेंस भी होता है और रिलेटिव परफॉर्मेंस भी होता है। निवेशक हमेशा एब्सोल्यूट रिटर्न देखते हैं। लेकिन फंड हाउस मार्केट कंडीशंस को लेकर के हमेशा सचेत रहते हैं और इंडेक्स के मुकाबले रिलेटिव रिटर्न्स देखते हैं। क्योंकि हर फंड का एक बेंच मार्क इंडेक्स है। ऐसे में इंडेक्स के मुकाबले किस तरीके से फंड को पोजीशन किया जाए और इंडेक्स के मुकाबले किस तरीके से आउटपरफॉर्मेंस जनरेट किया जाए इस पर हमारी नजर रहती है। ऐसे में जहां तक आउट परफॉर्मेंस का सवाल है तो पिछला एक डेढ़ साल हमारे लिए अच्छा रहा है। इस तरीके का माहौल आउट परफॉर्मेंस के लिए थोड़ा बेटर रहता है क्योंकि स्टॉक पिकिंग से आउटपरफॉर्मेंस आती है।
अगर आप 2023 2024 की शुरुआती दौर का माहौल देखें तो स्टॉक सिलेक्शन का असर कम हो जाता है। आप कौन से सेक्टर में और कौन से फैक्टर्स पर फोकस करते हैं, इसी से परफॉर्मेंस बेहतर होती है। ऐसे में यह समय हमारे लिए बढ़िया है क्योंकि इसमें बॉटम स्टॉक पिकिंग से ज्यादा फायदा होता है। हर एक सेक्टर के अंदर कुछ कंपनियां अच्छी कर रही होती है। कुछ नहीं कंपनियां भी अच्छी कर रही होती है।
अगर आप हमारा पोर्टफोलियो और बीएस 500 का इंडेक्स देखते हैं तो पता चलता है कि सेक्टर्स और फैक्टर्स में कोई बहुत बड़ा डिफरेंस नहीं है। लेकिन हर सेक्टर के अंदर स्टॉक पिकिंग बिल्कुल हटके है। मतलब पोर्टफोलियो 60% एक्टिव है। लेकिन सेक्टर्स वगैरह को लेकर पोर्टफोलियो में कोई बहुत ज्यादा इमंबैलेंस नहीं है।
आशीष सोमैया ने आगे कहा कि मैक्रो के बारे में पहले अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अगर आप एक साल पहले किसी को बोलते हैं कि क्रूड 100 डॉलर के बहुत ऊपर चला जाएगा तो शायद इसको मानने में मुश्किल होती। आमतौर पर इस तरह की घटना होने पर लोग अपने पोर्टफोलियो में बदलाव की कोशिश करते हैं। लेकिन हमारा तरीका ये नहीं है। हम लोग पहले से ही ये ध्यान में रखते हैं कि BS500 का कंपोज़िशन क्या है? अल्टीमेटली हमको BS 500 को बीट करना है तो उसके लिए हमारी कंपोज़ीशन क्या होनी चाहिए?
मेटल और कमोडिटी पर बात करते हुए आशीष सोमैया ने कहा कि गोल्ड और सिल्वर में उनका एक्सपोजर है। कैपिट मार्केट शेयरों पर उन्होंने कहा कि अक्रॉस द बोर्ड अगर आप देखें एसेट मैनेजमेंट कंपनीज इंश्योरेंस कंपनीज स्टॉक ब्रोकिंग (जैसे रजिस्ट्रार और डिपॉजिटरीज, बैंकिंग और फाइनेंसियल सर्विसेज में उनका 30 फीसदी वेट है। लेकिन अगर इनके कंपोजिशन की बात करें लेंडिंग वर्सेस नॉन लेंडिंग में कैपिटल मार्केट शेयर ज्यादा अच्छे लग रहे हैं।
आईटी शेयरों पर अपनी राय देते हुए आशीष सोमैया ने कहा कि गिरते बाजार में भी आईटी शेयर कम गिरे हैं। हमें अक्सर यह देखने को मिलता है कि गिरते बाजार में जो शेयर मजबूती दिखाते हैं वे बाजार में सुधार होने पर आउटपरफॉर्म करते हैं। ऐसे में IT में आगे आउट परफॉर्मेंस बरकरार रह सकता है।
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