यह हफ्ता स्टॉक मार्केट्स के लिए शानदार रहा है। मार्केट का मूड बदलता दिख रहा है। लेकिन, आशिका ग्लोबल फैमिली ऑफिस सर्विसेज के को-फाउंडर अमित जैन की मानें तो अभी निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उनका मानना है कि अभी मार्केट ने अपना बॉटम (सबसे निचला स्तर) नहीं बनाया है। मार्केट्स के फिर से जून 2024 के निचले स्तर तक जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी वजह ग्लोबल इकोनॉमी की अनिश्चितता और घरेलू चुनौतियां हैं। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और मार्केट में सावधानी बरतने की सलाह है।
मजबूत फंडामेंटल्स वाले सेक्टर पर करें फोकस
जैन का मानना है कि फिलहाल ऐसे सेक्टर्स पर फोकस करने की जरूरत है, जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं। और जो उतारचढ़ाव के इस माहौल में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मार्केट की अगली तेजी का फायदा उठाने के लिए बैंकिंग (Banking), एफएमसीजी (FMCG) और कुछ चुनिंदा पीएसयू स्टॉक्स (PSU Stocks) में निवेश करना ठीक रहेगा। लेकिन, यह निवेश लंबी अवधि के लिए करना होगा। अगर कोई इनवेस्टर्स इन शेयरों पर दांव लगाता है तो उसे बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि, मार्केट के जून 2024 के निचले स्तर तक जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जून 2024 में Nifty गिरकर 21,884 तक पहुंच गया था।
इनफ्लेशन और स्लोडाउन को लेकर फेडरल रिजर्व चिंतित
क्या अमेरिकी मंदी में सुस्ती को देखते हुए फेडरल रिजर्व 2 बार से ज्यादा इंटरेस्ट रेट घटा सकता है? इसके जवाब में जैन ने कहा कि 2025 में अमेरिकी केंद्रीय बैंक में नापतौल कर कदम उठाएगा। पिछले साल ग्लोबल मार्केट्स को इंटरेस्ट रेट में 3-4 कमी की उम्मीद थी। लेकिन, अब फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट में 25-25 बेसिस प्वाइंट्स की सिर्फ दो कमी के संकेत दिए हैं। इससे पता चलता है कि इनफ्लेशन और अमेरिकी इकोनॉमी को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, अगर अमेरिकी इकोनॉमी में सुस्ती बढ़ती है तो फेडरल रिजर्व पर इंटरेस्ट रेट में ज्यादा कमी करने का दबाव बन सकता है।
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सोने का अच्छा प्रदर्शन जारी रहेगा
गोल्ड में जारी तेजी के बारे में उन्होंने कहा कि कोविड के बाद से सोने में तेजी जारी है। आगे भी सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। चूंकि सोना उतारचढ़ाव के बीच हेजिंग का सबसे अच्छा जरिया है, जिससे आने वाले सालों में यह निवेशकों की पसंद बना रहेगा। इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो को डायवर्सिफिकेशन के लिए भी यह काफी अहम है। फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी के बाद 20 मार्च को गोल्ड में तेजी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.1 फीसदी चढ़कर 3,049 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।