ब्रॉडर इंडेक्सों ने बेंचमार्क इंडजेक्स के मुताबिक ही प्रदर्शन किया। मिलेजुले तिमाही नतीजों,एफआईआई की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली,अमेरिकी राष्ट्रपति की अनिश्चित टैरिफ नीतियों के कारण मिलेजुले बाजारों और लगभग पांच सालों में पहली बार आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती के बीच अस्थिरता देखने को मिली। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे 4 सप्ताह की गिरावट का सिलसिला टूट गया। जबकि बीएसई मिडकैप और लार्जकैप इंडेक्सों में बढ़त दर्ज की गई। इनमें दूसरे सप्ताह भी बढ़त जारी रही।
