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Market outlook 2026 : बाजार के दो दिग्गजों से जानिए, 2026 में किन ट्रिगर से बढ़ेगा बाजार, कौन सेक्टर करेगा आउटपरफॉर्म

Market outlook 2026: नीलेश शाह ने कहा कि इकोनॉमी के फंडामेंटल अच्छे है। FY26 में 7% तो FY27 में 6.5% से ज्यादा ग्रोथ संभव है। रिफॉर्म की गाड़ी चल पड़ी है, बजट से भी बाजार को बूस्ट संभव है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 01, 2026 पर 3:40 PM
Market outlook 2026 : बाजार के दो दिग्गजों से जानिए, 2026 में किन ट्रिगर से बढ़ेगा बाजार, कौन सेक्टर करेगा आउटपरफॉर्म
प्रशांत खेमका ने बताया कि IT में कई सालों से उनकी ओवरवेट पोजीशन है। मिडकैप IT की अच्छी कंपनियों में निवेश किया है। AI के इस दौर में कुछ मिडकैप IT कंपनियां अच्छा कर सकती हैं

Market outlook 2026:  2026 में मार्केट आउटलुक पर सीएनबीसी -आवाज़ ने बाजार के 2 दिग्गजों से बात कीव्हाइट ओक ग्रुप के फाउंडर प्रशांत खेमका और Kotak AMC के MD & CEO नीलेश शाह 2026 को लेकर बुलिश हैउनका कहना है कि रिटर्न के लिहाज से 2026 निराश नहीं करेगा ऐसी पूरी उम्मीद हैCNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल से हुई बातचीत में नीलेश शाह ने कहा कि इकोनॉमी के फंडामेंटल अच्छे हैFY26 में 7% तो FY27 में 6.5% से ज्यादा ग्रोथ संभव हैरिफॉर्म की गाड़ी चल पड़ी है, बजट से भी बाजार को बूस्ट संभव है

FIIs 2026 में मार्केट में वापससकते हैं

उन्होंने आगे कहा कि कॉरपोरेट के नतीजों में अब डबल डिजिट ग्रोथ संभव हैडेढ़ साल से खास रिटर्न नहीं मिला, वैल्युएशन भी सस्ते हुए हैंजब डॉलर गिरता तो अमेरिका से पैसा निकलता है। अमेरिका से पैसा निकलेगा तो भारत में निवेश आएगापिछले 2 साल में चीन में 40% का रिटर्न मिला है। चीन के बाजार में गिरावट आने पर भारत में निवेश आएगाFPI की पैसिव फंड्स में ज्यादा बिकवाली रही हैFY25 में डेवलप मार्केट को इमर्जिंग मार्केट ने आउटपरफॉर्म किया हैइमर्जिंग मार्केट में फ्लो आने पर भारत में भी पैसा आएगा। एक्टिव फंड की प्राइमरी मार्केट में खरीदारी और सेकेंडरी में बिकवाली की हैFPI की बिकवाली 2026 में घट सकती हैFIIs 2026 में मार्केट में वापस आ सकते हैं

आगे मार्केट में सेक्टर रोटेशन संभव

बैंकिंग सेक्टर पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि सरकारी बैंकों के पास लिक्विडिटी ज्यादा रहती हैPSU बैंकों के पास डिपॉजिट भी सबसे ज्यादा आते हैंइसका इनको फायदा मिल सकता है। आगे मार्केट में सेक्टर रोटेशन संभव हैसरकार भी लगातार लिक्विडिटी बढ़ा रही है। लिक्विडिटी बढ़ने से कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी स्पेस को फायदा होगा। टैक्स छूट और GST कट से लोगों की जेब में पैसा आया हैआगे 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें भी लागू होंगी। सरकार का फोकस इकोनॉमी में खर्च बढ़ाने पर हैइस फायदा खपत वाले शेयरों को होगा

बेहतर और सस्ती AI सर्विस देने वाली कंपनियां करेंगी अच्छा

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