Market Outlook: ईरान संकट के बाद कैसी रहेगी बाजार की चाल? ये 10 बड़े फैक्टर करेंगे तय

Market Outlook: ईरान संकट के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। तेल की कीमतें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, FII रुख, PMI डेटा और निफ्टी के 25,000 स्तर जैसे 10 बड़े फैक्टर इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगे। एक्सपर्ट से कितना गिर सकता है बाजार।

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 11:07 PM
Story continues below Advertisement
सबसे बड़ा ग्लोबल फैक्टर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है।

Market Outlook: पिछले हफ्ते बाजार में तेज गिरावट आई। निफ्टी और सेंसेक्स 1.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटे। टैरिफ अनिश्चितता, AI चिंता और अमेरिका-ईरान तनाव से जोखिम से बचने का माहौल बना। फिर वीकेंड में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया। तेल सप्लाई और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत की पुष्टि से तनाव और गहरा गया। हालांकि पूर्ण युद्ध की संभावना कम मानी जा रही है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, सोमवार को बाजार गैप-डाउन खुल सकता है। ऑटो शेयर फरवरी बिक्री आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देंगे। अगर तेल सप्लाई बाधित नहीं होती, तो शुरुआती गिरावट के बाद बाजार सीमित दायरे में रह सकता है।

Infomerics के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में 1 से 1.5 प्रतिशत और गिरावट आ सकती है। ऑटो, फाइनेंशियल और FMCG शेयर दबाव में रह सकते हैं। आईटी और निर्यात वाली कंपनियों को मजबूत डॉलर का कुछ फायदा मिल सकता है। 3 मार्च को होली के कारण बाजार बंद रहेगा।


आने वाला हफ्ता बाजार के लिए बेहद अहम रहने वाला है। घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर कई ऐसे फैक्टर हैं, जो सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय कर सकते हैं। आइए समझते हैं वे 10 बड़े कारण, जिन पर निवेशकों की नजर रहेगी।

अमेरिका-ईरान युद्ध

सबसे बड़ा ग्लोबल फैक्टर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। बाजार को सबसे ज्यादा चिंता तेल और गैस सप्लाई की है। अगर सप्लाई बाधित होती है तो कीमतें बढ़ेंगी। इसका असर महंगाई, कॉरपोरेट कमाई और भारत जैसे बड़े आयातक देशों के राजकोषीय घाटे पर पड़ सकता है।

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया। कहा गया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी मांग नहीं मान रहा था। हमलों में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है। दुबई, दोहा और तेल अवीव जैसे शहरों के लिए उड़ानें रद्द हुईं। चीन, अमेरिका और भारत ने अपने नागरिकों को ईरान और इजरायल छोड़ने की सलाह दी है। ईरानी मीडिया ने पुष्टि की कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इससे जवाबी हमले की आशंका और बढ़ गई है।

ऊर्जा बाजार की सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। रोज करीब 2 करोड़ बैरल तेल इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, ईरान, इराक और UAE का तेल इसी जलमार्ग से निकलता है। Reuters के मुताबिक कई टैंकर कंपनियों ने इस रास्ते से शिपमेंट रोक दी है। अगर यहां लंबी रुकावट आती है तो तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। हालांकि विशेषज्ञ पूर्ण युद्ध की संभावना को अभी कम मानते हैं।

कच्चे तेल की कीमतें

ब्रेंट क्रूड हफ्ते में 1.55 प्रतिशत चढ़कर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह जुलाई 2025 के बाद का उच्च स्तर है। इस साल की शुरुआत से तेल करीब 12-13 डॉलर महंगा हो चुका है। कीमतें 20, 50 और 100 सप्ताह के मूविंग एवरेज के ऊपर हैं और 200 सप्ताह के औसत के करीब पहुंच रही हैं। इससे बाजार में तेजी का संकेत मिलता है।

Infomerics Ratings के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा का कहना है कि हालात नाजुक हैं, लेकिन पूर्ण युद्ध की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। 1 मार्च को हुई OPEC+ बैठक का असर भी दिखेगा। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से 2.06 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाने पर सहमति बनी है। Kotak Securities की कायनात चैनवाला के मुताबिक फिलहाल भू-राजनीतिक तनाव ही बाजार का मुख्य विषय रहेगा।

ग्लोबल आर्थिक आंकड़े

निवेशक अमेरिकी फेड अधिकारियों के बयान, प्रमुख देशों के अंतिम PMI आंकड़े, अमेरिकी बेरोजगारी दावे, रिटेल सेल्स और सबसे अहम अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर नजर रखेंगे।

अगर महंगाई ज्यादा रहती है और रोजगार मजबूत दिखता है तो ब्याज दर कट की उम्मीदें और टल सकती हैं। कमजोर डेटा आने पर बाजार की उम्मीदें बदल सकती हैं।

Image201032026

चीन की टू सेशंस बैठक

4 से 11 मार्च तक चीन की सालाना बैठकों पर भी नजर रहेगी। यहां 2026-2030 की 15वीं पंचवर्षीय योजना पेश हो सकती है। 2026 के लिए ग्रोथ टारगेट 4.5 से 5 प्रतिशत के बीच रखा जा सकता है। राजकोषीय घाटा GDP के करीब 4 प्रतिशत पर रह सकता है।

घरेलू आर्थिक आंकड़े

भारत में 2 मार्च को HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI और जनवरी का औद्योगिक उत्पादन डेटा जारी होगा। 4 मार्च को सर्विसेज PMI आएगा।

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग PMI 57.5 पर पहुंच गया, जो पहले 55.4 था। सर्विसेज PMI हल्का घटकर 58.4 रहा, लेकिन अभी भी मजबूत विस्तार दिखा रहा है। 6 मार्च को बैंक लोन और डिपॉजिट ग्रोथ तथा विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े भी जारी होंगे।

FII का रुख

विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधि अहम रहेगी। हाल में कमाई और GDP डेटा बेहतर रहे हैं, लेकिन वैश्विक तनाव निवेशकों को सतर्क रख सकता है। पिछले हफ्ते FIIs ने 4,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। DIIs ने 24,300 करोड़ रुपये की खरीद से इसे संतुलित किया। फरवरी में भी FIIs ने 6,600 करोड़ रुपये बेचे, जबकि DIIs ने 38,000 करोड़ रुपये खरीदे।

रुपया 0.38 प्रतिशत गिरकर 91.03 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स 97.5 के ऊपर बना हुआ है।

IPO का हाल

प्राइमरी बाजार में रफ्तार थोड़ी धीमी रहेगी। सिर्फ तीन IPO खुलेंगे। मेनबोर्ड से SEDEMAC Mechatronics का 1,087 करोड़ रुपये का इश्यू 4 मार्च को खुलेगा। SME सेगमेंट में Elfin Agro India और Srinibas Pradhan Constructions अपने इश्यू लाएंगे।

अगले हफ्ते नौ कंपनियां लिस्ट होंगी। 2 मार्च को Clean Max Enviro Energy Solutions, Shree Ram Twistex, Kiaasa Retail, Mobilise App Lab और Accord Transformer & Switchgear लिस्ट होंगे। 4 मार्च को PNGS Reva Diamond Jewellery, 5 मार्च को Omnitech Engineering और Yaap Digital, जबकि 6 मार्च को Striders Impex डेब्यू करेगा।

टेक्निकल नजरिया

तकनीकी रूप से 25,000 का स्तर बेहद अहम है। 24,850 की ट्रेंडलाइन भी खतरे में है। इसके नीचे गिरने पर निफ्टी 24,571 तक जा सकता है, जो बजट दिवस का लो है।

अगर बाजार उछलता है तो 25,350-25,500 रेजिस्टेंस जोन रहेगा। इसके ऊपर टिकने पर 25,600-25,700 तक रास्ता खुल सकता है।

F&O संकेत और India VIX

वीकली ऑप्शन डेटा के अनुसार 25,000 निफ्टी के लिए मजबूत और तत्काल सपोर्ट है। ऊपर की ओर 25,300 से 25,500 का दायरा अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। पुट साइड पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट 25,000 स्ट्राइक पर है। कॉल साइड पर 25,500 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट दिख रहा है। इससे संकेत मिलता है कि 25,000 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है, जबकि 25,300-25,500 के ऊपर निकलना बाजार के लिए आसान नहीं होगा।

India VIX 13.7 पर बना हुआ है। ईरान पर अमेरिकी और इजरायल के हमले के बाद यह और बढ़ सकता है। बुल्स के लिए आरामदायक माहौल तभी बनेगा, जब यह 12 के नीचे आए।

Corporate Action

आने वाले हफ्ते में कई कंपनियों से जुड़े अहम कॉरपोरेट एक्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी। इनमें डिविडेंड, बोनस, स्टॉक स्प्लिट, राइट्स इश्यू और रिकॉर्ड डेट से जुड़े फैसले शामिल हैं।

Image101032026

Iran Conflict Impact: इन 7 कंपनियों का मिडिल ईस्ट में है बड़ा कारोबार, शेयरों में दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।