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Market outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 24 मार्च को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook : निफ्टी में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले स्टॉक्स में श्रीराम फाइनेंस,इंटरग्लोब एविएशन,अल्ट्राटेक सीमेंट,अडानी एंटरप्राइजेज और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे जबकि सबसे ज़्यादा बढ़त हासिल करने वाले स्टॉक्स में HCL टेक्नोलॉजीज,टेक महिंद्रा,ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प और TCS शामिल रहे

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 23, 2026 पर 4:23 PM
Market outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 24 मार्च को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market cues : Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 4 प्रतिशत गिर गया और 14,986 अंकों के स्तर पर पहुंच गया। ये छह महीने से भी ज़्यादा समय का इसका सबसे निचला स्तर है

Stock Market : 23 मार्च को सभी सेक्टर्स में आई बिकवाली के चलते भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमज़ोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,500 के नीचे आ गया। बाजार बंद होने पर,सेंसेक्स 1,836.57 अंक या 2.46 प्रतिशत गिरकर 72,696.39 पर और निफ्टी 601.85 अंक या 2.60 प्रतिशत गिरकर 22,512.65 पर बंद हुऐ। लगभग 592 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई,3654 शेयरों में गिरावट आई और 114 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले स्टॉक्स में श्रीराम फाइनेंस,इंटरग्लोब एविएशन,अल्ट्राटेक सीमेंट,अडानी एंटरप्राइजेज और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे जबकि सबसे ज़्यादा बढ़त हासिल करने वाले स्टॉक्स में HCL टेक्नोलॉजीज,टेक महिंद्रा,ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प और TCS शामिल रहे। आज सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें रियल्टी,कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मेटल और PSU बैंक में 4% से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 3% से ज़्यादा की गिरावट देखने को मिली।

निवेशकों को एक ही सत्र में लगभग 14 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। शुक्रवार को BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 429 लाख करोड़ से घटकर 415 लाख करोड़ रुपए रह गया।

सोमवार को छोटे-मझोले शेयरों में भी तेज़ से गिरावट आई। मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स 4 प्रतिशत तक गिर गए। यह गिरावट बेंचमार्क इंडेक्स में हुई गिरावट के मुताबिक ही थी इकी इसकी वजह पश्चिम एशियामें बढ़ता तनाव रहा। Nifty Smallcap 100 और Nifty Midcap 100 इंडेक्स ने पिछले सत्र में हुई बढ़त को गंवा दी और उन पर भारी बिकवाली का दबाव आ गया।

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