Market outlook : 28 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी आज 19650 के नीचे फिसल गया है। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 106.62 अंक या 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ 66160.20 पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 13.90 अंक या 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 19646 पर बंद हुआ है। आज के कारोबारी सत्र में लगभग 1774 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए हैं। वहीं, 1641 शेयर गिरे हैं। जबकि 163 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, बीपीसीएल, टाटा मोटर्स और एचसीएल टेक्नोलॉजीज आज निफ्टी के टॉप लूजर्स रहे हैं। जबकि एनटीपीसी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, अपोलो हॉस्पिटल्स, अदानी एंटरप्राइजेज और एमएंडएम निफ्टी के टॉप गेनर रहे हैं। अगल-अलग सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो पावर और रियल्टी इंडेक्स में 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि मेटल, कैपिटल गुड्स और हेल्थ सर्विसेज में 0.4 फीसदी की बढ़त हुई है। दूसरी ओर, बैंकिंग, तेल-गैस और आईटी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है।
इस हफ्ते 0.78% टूटा, निफ्टी 0.5% गिरा
मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई थी। दिन चढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली बढ़ती दिखी। हालांकि, आखिरी कारोबारी घंटे में पावर और रियल्टी शेयरों में आई खरीदारी से नुकसान कुछ कम हो गया। साप्ताहिक आधार पर देखें तो इस हफ्ते बीएसई का सेंसेक्स 0.78 फीसदी और निफ्टी 50 इंडेक्स 0.5 फीसदी गिरा है।
31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना है कि यूरोपीय बाजार के कमजोर संकेतों और अमेरिकी वायदा की कमजोरी ने कारोबारी सत्र के अधिकांश हिस्से भारतीय बाजार पर दबाव बनाए रखा। बैंकिंग और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से इंडेक्स पर दबाव बना। हालांकि रियल्टी शेयरों में आई मजबूत खरीदारी से बाजार को नुकसान कम करने में मदद मिली। अब सभी की निगाहें आरबीआई की क्रेडिट पॉलीसी पर होंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या केंद्रीय बैंक भी यूएस फेड का अनुसरण करता है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है।
तकनीकी रूप से देखें तो इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी ने लोअर टॉप का गठन किया है, जो काफी हद तक नकारात्मक है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 20-डे एसएमए या 19580 के स्तर पर सपोर्ट दिख रहा है। अगर निफ्टी इसके ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता तो हमें फिर से 19800 तक का उछाल देखने को मिल सकता है। इसके आगे बाजार में 19900 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी तरफ, 19580 के नीचे फिसलने पर बाजार में और बिकवाली संभव है और निफ्टी 19450-19400 तक फिसल सकता है।
बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 20-डे एसएमए या 45250 का स्तर ट्रेंड डिसाइडर लेवल साबित हो सकता है। अगर बैंक निफ्टी इस लेवल से ऊपर टिका रहता है तो फिर इसमें 45700-45900 की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 45250 के नीचे फिसलने पर यह 44700-44500 तक गिर सकता है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आज पूरे कारबारी सत्र में निफ्टी दबाव में रहा। लेकिन आखिरी घंटे में इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 14 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 19646 के स्तर पर बंद हुआ। कुल मिलाकर अब बाजार में सेक्टोरल रोटेशन की उम्मीद दिख रही है। नतीजों के मौसम में इंडेक्स के कंसोलीडेशन मोड में रहने की संभावना है। बाजार की नजर अगले हफ्ते आने वाले ग्लोबल और डोमेस्टिक मैन्यूफैक्चरिंग आंकड़ों पर रहेगी। साथ ही, बैंक ऑफ इंग्लैंड अगले हफ्ते गुरुवार को ब्याज दरों पर अपने फैसले की घोषणा करेगा। ऑटो सेक्टर भी फोकस में रहेगा क्योंकि कंपनियां अपने मासिक बिक्री आंकड़ों का ऐलान करेंगी।
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