Stock Markets: 20 जनवरी को निफ्टी 23,350 के आसपास रहा और भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 454.11 अंक या 0.59 फीसदी बढ़कर 77,073.44 पर और निफ्टी 141.55 अंक या 0.61 फीसदी बढ़कर 23,344.75 पर बंद हुआ। आज लगभग 2399 शेयरों में तेजी आई, 1492 शेयरों में गिरावट आई और 160 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी पर कोटक महिंद्रा बैंक, विप्रो, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व टॉप गेनर रहे। जबकि एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, एचडीएफसी लाइफ और अदानी पोर्ट्स में गिरावट रही।
ऑटो और एफएमसीजी को छोड़कर दूसरे सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। बैंक, मीडिया, मेटल, कैपिटल गुड्स, पीएसयू, टेलीकॉम, बिजली, पीएसयू बैंक 1-2 फीसदी ऊपर रहे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.66 फीसदी ऊपर रहा और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़ा।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि एशियाई बाजारों की तेजी घरेलू बाजारों को भी सपोर्ट मिला। इससे सप्ताह की शुरुआत अच्छी रही। इसके अलावा, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों से नतीजों के मजबूत शुरुआती सेट ने निकट भविष्य में अर्निंग में सुधार की संभावना को बढ़ा दिया है। इससे भी मार्केट का सेंटीमेंट पॉजिटिव हुआ है। हालांकि,ट्रंप की नीतियों के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। इस पर निवेशक अधिक स्पष्टता का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तेल की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई है। इससे भी बाजार में चिंता है।
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि वोलेटाइल शुरुआत के बाद,बाजार में जोरदार तेजी आई। कारोबारी सत्र के अंत में निफ्टी 141.55 अंकों की बढ़त के साथ 23,344.75 पर बंद हुआ। ऑटो और FMCG को छोड़कर अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, जिसमें बैंकिंग और मेटल इंडेक्स सबसे आगे रहे। ब्रॉडर मार्केट्स ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। आज मिड और स्मॉलकैप 0.90 फीसदी से ज्यादा चढ़े। इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडल बनाई है और निफ्टी अपने कंसोलीडेशन रेंज के ऊपरी छोर पर बंद हुआ है। आगे की दिशा साफ होने के लिए कल का कारोबारी सत्र अहम होगा। मौजूदा स्तर से ऊपर एक ब्रेकआउट इंडेक्स को 23,570-23,690 के ज़ोन तक ले जा सकता है। निफ्टी के लिए तत्काल रजिस्टेंस 23,360 और 23,570 पर है,जबकि सपोर्ट 23,200 पर नजर आ रहा है।
मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि ट्रंप के आज अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने से पहले एशियाई और यूरोपीय बाजारों में तेजी रही। भारतीय बेंचमार्क पर भी इसका अच्छा असर दिखा। बैंकिंग और टेलीकॉम शेयरों ने रिकवरी का नेतृत्व किया। हालांकि यह सिर्फ एक भावनात्मक उफान ही था। बाजार में अभी भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसके चलते काफी ज्यादा वोलैटिलिटी देखने को मिल रही है। घरेलू निवेशकों का ध्यान 1 फरवरी को घोषित होने वाले केंद्रीय बजट पर ज्यादा रहेगा। देखना होगा कि वित्त मंत्री मौजूदा मंदी और ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी से निपटने के लिए क्या उपाय करती हैं।
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