Stock Market : अच्छे ग्लोबल संकेतों ने आज बुधवार 1 अप्रैल को बाजार में जोश भर दिया। इसके चलते अप्रैल सीरीज की शानदार शुरुआत देखने को मिली है। सेंसेक्स, निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। आज मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। डिफेंस, PSU बैंक शेयरों में अच्छी तेजी रही। मेटल, IT और ऑटो इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए। एनर्जी, FMCG और PSE शेयरों में खरीदारी रही। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत बढ़कर 73,134.32 पर और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 22,679.40 पर बंद हुआ।
बैंक शेयरों में भी तेजी रही। बैंक निफ्टी 1173 प्वाइंट चढ़कर 51,449 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 1169 प्वाइंट चढ़कर 53,819 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 39 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी रही। बैंक निफ्टी के सभी 14 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
APAC, VT Markets के सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खू का कहना है कि बाज़ारों में एक ढांचागत बदलाव आ रहा है। चर्चा अब रेट कट से हटकर फिर से मॉनीटरी सख्ती की ओर रुख कर रही है। बैंक ऑफ़ जापान पहले ही 0.75% पर है। ऐसे में 2021 से येन में 50% से ज़्यादा की गिरावट के बीच रेट बढ़ाने की 69% संभावना दिख रही है। वहीं U.S. फेडरल रिज़र्व भी महंगाई से जूझ रहा है। ऐसे में दुनिया भर में दरों में बढ़त का जोखिम दिख रहा है।
साथ ही, भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई का दबाव और बढ़ रहा है। इस मिली-जुली स्थिति के कारण सिस्टम से अतिरिक्त लिक्विडिटी (नकदी) कम होने लगी है, जिससे उन फंडामेंटल्स पर असर पड़ रहा है जिन्होंने अब तक रिस्क एसेट्स को सहारा दिया था।
नतीजतन, जहा S&P 500 और Nasdaq जैसे इक्विटी बाज़ारों में छोटी अवधि की राहत रैलियां देखने को मिल रही हैं और EURUSD तथा GBPUSD जैसी करेंसीज 1.148 और 1.321 के अहम स्तरों से नीचे दबाव में दिख रही हैं, वहीं ब्रॉडर मार्केट अब ज़्यादा उतार-चढ़ाव और कड़ी वित्तीय स्थितियों वाले दौर में प्रवेश कर रहा है। निवेशकों को एक ऐसे बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए, जहां बाज़ार की दिशा तय करने में विकास (Growth) के बजाय लिक्विडिटी (नकदी) की भूमिका ज़्यादा अहम हो जाएगी।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित समाधान के संकेत देने वाले बयानों के बाद जोखिम लेने की भावना में सुधार के चलते भारतीय शेयर बाजारों ने वित्त वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत की।
व्यापक स्तर पर आई खरीदारी ने बेंचमार्क सूचकांकों को ऊपर उठाया। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने लार्ज-कैप शेयरों से बेहतर प्रदर्शन किया। रुपये के स्थिर होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी बाजार को मजबूती मिली। डिफेंलिव शेयरों से सिक्लिकल शेयरों की ओर सेक्टोरल बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इसके चलते बैंकिंग, केमिकल, मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर आज के सितारे बनकर उभरे।
हालांकि, हाई बॉन्ड यील्ड और इंट्राडे वोलैटिलिटी ने बढ़त को सीमित कर दिया और बाजार ऊपर से फिसल गया। अच्छे माहौल के बावजूद, बाजार आगे चलकर बदलते भू-राजनीतिक स्थितियो में अचानक होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील बने रह सकते हैं।
एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने बुधवार के सत्र का समापन सकारात्मक रुख के साथ किया। डेली चार्ट पर RSI में एक साफ पॉजिटिव डाइवर्जेंस (positive divergence) दिखाई दे रहा है, जो संभावित रिकवरी का संकेत है। नियर टर्म का आउटलुक बुलिश नज़र आ रहा है, जिसमें और ऊपर जाने की गुंजाइश है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 50,500 के स्तर पर है, जबकि रेजिस्टेंस 51,800–52,000 के ज़ोन में दिख रहा है। इस रेज़िस्टेंस लेवल से ऊपर की टिकाऊ तेजी बैंक निफ्टी को 52,900–53,000 के स्तरों की ओर ले जा सकती है। हालांकि, 50,500 से नीचे की गिरावट से बिकवाली का एक नया दौर शुरू हो सकता है।
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