Market outlook : बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए Valentis Advisors के फाउंडर & MD ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि स्टॉक मार्केट पर इकोनॉमी की मुश्किलों के साथ ही कई और फैक्टर असर डाल रहे हैं। बाजार का वैल्युएशन महंगा है। हम दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में मंहगे हैं। भारत इमर्जिंग मार्केट में प्रीमिमय पर ट्रेड करता है। मार्केट में वैल्यूएशन को एडजस्ट करने के लिए प्राइस या टाइम करेक्शन होता है। बाजार में दिख रहा ये करेक्शन स्वाभाविक है। ऐसा होना ही था। बाजार में 10 फीसदी की करेक्शन सामान्य बात है। लेकिन कई साल से ऐसा करेक्शन देखने को नहीं मिला था। इसलिए ये ज्यादा दिख रहा है। बाजार में वैल्यूएशन सस्ते होने पर थोड़ी-थोड़ी खरीदारी आती दिखेगी।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के बाजार इमर्जिंग मार्केट की तुलना में आमतौर पर 50 फीसदी प्रीमियम पर ही ट्रेड करता है। लेकिन पिछले कुछ साल में ये 90 फीसदी तक चला गया है। हालांकि हालिया करेक्शन के बाद ये प्रीमियम कम हुआ है। लेकिन अभी भी हमारे बाजार इमर्जिंग मार्केट की तुलना में 70 फीसदी तक प्रीमियम पर हैं। ये प्रीमियम कम होकर 50 फीसदी के आसपास आने पर फिर से खरीदारी आती दिखेगी।
ज्योति ने आगे कहा कि नतीजों के नजरिए से पिछली दो तिमाहियां अच्छी नहीं रही हैं। तीसरी तिमाही के नतीजों से भी खास उम्मीद नहीं है। मार्च तिमाही से थोड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। सरकारी खर्च थोड़ा शुरु हुआ है। अगर कैपेक्स में तेजी आती है तो बाजार में तेजी आ सकती है। इकोनॉमी में तेजी से बाजार को बूस्ट मिलेगा। बजट में सरकार कैपेक्स बढ़ा सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि अगले साल निफ्टी में 11 फीसदी अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है। 2025 कंसोलीडेशन का साल होगा। इसमें बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। ज्योति ने बताया कि वे तीन चार महीने से 10-12 फीसदी कैश पर हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उनको बैंकिंग का वैल्युएशन सस्ता नजर आ रहा है। बैंकिग में निवेश बढ़ा रहे हैं। उनको सीमेंट और फार्मा स्पेस भी पसंद हैं।
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