Maruti Suzuki Share Price: नतीजों के बाद रॉकेट बना मारुति का शेयर, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Maruti Suzuki Share Price: मारुति ने 28 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका असर शेयरों पर 29 अप्रैल को दिखा। मार्च तिमाही में मारुति का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 6.5 फीसदी गिरकर 3,659 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 28.2 फीसदी बढ़कर 52,462.5 करोड़ रुपये रहा

अपडेटेड Apr 29, 2026 पर 11:56 AM
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बीते एक साल में मारुति का शेयर 8.9 फीसदी चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये है।

Maruti Suzuki Share Price: मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों को 29 अप्रैल को पंख लग गए।  कंपनी ने 28 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका असर शेयरों पर 29 अप्रैल को दिखा। सुबह में शेयर मजबूत खुले। उसके बाद उनमें तेजी दिखी। 11:20 बजे यह शेयर 4.53 फीसदी उछाल के साथ 13,476 रुपये पर चल रहा था। 28 अप्रैल को शेयर 2.51 फीसदी गिरकर 12,890 रुपये पर बंद हुआ था।

मार्च तिमाही में रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़ा

मार्च तिमाही में मारुति का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 6.5 फीसदी गिरकर 3,659 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 28.2 फीसदी बढ़कर 52,462.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के मुनाफे पर रॉ मैटेरियल की कीमतें बढ़ने से असर पड़ा। इसके अलावा कंपनी की अन्य आय कम रही और उसे ज्यादा टैक्स का पेमेंट करना पड़ा। इससे वॉल्यूम में अच्छी ग्रोथ का असर प्रॉफिट पर नहीं दिखा। कंपनी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 7 फीसदी घटा, जबकि मार्जिन करीब 11.7 फीसदी बना रहा।


कंपनी का सेल्स वॉल्यूम रिकॉर्ड ऊंचाई पर

मारुति का सेल्स वॉल्यूम मार्च तिमाही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। कंपनी का एक्सपोर्ट भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। पहली बार कंपनी की नेट सेल्स 50,000 करोड़ रुपये पार कर गई। अगर कमोडिटी की कीमतें नहीं बढ़ी होती और अन्य आय में कमी नई आई होती तो कंपनी का प्रॉफिट मार्च तिमाही में ज्यादा रहा होता। सेल्स और मार्केट शेयर के लिहाज से मारुति सुजुकी पैंसेंजर व्हीकल्स बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है।

एचएसबीसी ने दी खरीदने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने Maruti Suzuki के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने इसके शेयर के लिए 15,000 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि कंपनी के पास कमोडिटी की बढ़ती कीमतों को बर्दाश्त करने की क्षमता है। एचएसबीसी का कहना है कि कंपनी ने वॉल्यूम ग्रोथ के लिए करीब 10 फीसदी गाइडेंस दिया है, जिससे आगे डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने का संकेत मिलता है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने का भी फायदा मारुति को मिलेगा।

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एक साल में करीब 9 फीसदी चढ़ा है शेयर

जेफरीज ने मारुति के शेयरों को 'होल्ड' करने की सलाह दी है। उसने शेयर का टारगेट प्राइस 13,800 रुपये दिया है। उसने कहा है कि कंपनी का EBIT साल दर साल आधार पर 30 फीसदी बढ़ा है। फाइनेंशियल इनकम कम रहने से कंपनी का प्रॉफिट गिरा है। हालांकि, उसने कहा है कि कंपनी का मार्केट शेयर गिरकर 13 साल के लोअर लेवल पर आ गया है, जो चिंता की बात है। बीते एक साल में मारुति का शेयर 8.9 फीसदी चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये है।

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