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मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा के सामने नई मुश्किल, 15 से 20% तक गिर सकता है शेयर

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FADA) के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से जून 2024 तक, पैसेंजर गाड़ियों (PV) की बिक्री में 28 प्रतिशत की गिरावट आई है। जनवरी में जहां कुल 3,93,250 यूनिट्स की बिक्री हुई थी, वहीं जून में यह आंकड़ा घटकर 2,81,155 यूनिट्स पर आ गया

Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 13, 2024 पर 3:15 PM
मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा के सामने नई मुश्किल, 15 से 20% तक गिर सकता है शेयर
चारपहिया ऑटो कंपनियों के इनवेंट्री का स्तर 90 से 120 दिन तक पहुंच गया है

चारपहिया ऑटो कंपनियों के स्टॉक्स के लिए संकट मंडराता दिख रहा है, जिसमें मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), टाटा मोटर्स (Tata Motors) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) शामिल हैं। अगर पैसेंजर गाड़ियों (PV) की बिक्री में मौजूदा सुस्ती जारी रहती है, तो इन कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट् ने बताया कि इनके इनवेंट्री का स्तर 90 से 120 दिन तक पहुंच गया है, और अब लगभग हर वैरिएंट आसानी से उपलब्ध है। इसके चलते इन ऑटोमोबाइल कंपनियों को मजबूरी में डिस्काउंट ऑफर करना पड़ रहा है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FADA) के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से जून 2024 तक, पैसेंजर गाड़ियों (PV) की बिक्री में 28 प्रतिशत की गिरावट आई है। जनवरी में जहां कुल 3,93,250 यूनिट्स की बिक्री हुई थी, वहीं जून में यह आंकड़ा घटकर 2,81,155 यूनिट्स पर आ गया।

मार्केट एक्सपर्ट्स इस तेज गिरावट के पीछे कई कारण बता रहे हैं। पहला कारण ऊंचे बेस का है क्योंकि पिछले कुछ सालों में इस सेगमेंट का प्रदर्शन काफी शानदार रहा था। दौलत कैपिटल के इक्विटी रिसर्च हेड, अमित खुराना ने बताया, "ऊंचे बेस के अलावा, लोकसभा चुनाव, बढ़ती गर्मी और फंडिंग की लागत में बढ़ोतरी ने भी इस सेगमेंट को प्रभावित किया है।"

दिलचस्प बात यह है कि यह गिरावट तब आई है जब फेस्टिव सीजन आने वाला है। मनीकंट्रोल से बात करने वाले एक दूसरे एनालिस्ट ने बताया कि कि इंडस्ट्री की बिक्री में बहुत अधिक उछाल आने की उम्मीद नहीं है और यह दबाव आगे भी बना रह सकता है। एनालिस्ट्स का कहना है कि पैसेंजर व्हीकल बनाने वाली कंपनियां किसी फैसले पर पहुंचने से पहले फेस्टिव सीज खत्म होने का इंतजार कर सकती है। लेकिन अगर बिक्री में तेजी नहीं आती है, तो उत्पादन में कमी आ सकती है।

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