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MC Exclusive: सेबी के रडार पर एसएमई आईपीओ मर्चेंट बैंकिंग फर्म

सेबी ने अज्ञात स्रोत से शिकायत मिलने के बाद कंपनी के खिलाफ जांच का आदेश दिया। कंपनी और उसके डायरेक्टर्स की अगस्त 2022 और जून 2024 के बीच की गतिवधियों की जांच की गई

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 07, 2025 पर 3:26 PM
MC Exclusive: सेबी के रडार पर एसएमई आईपीओ मर्चेंट बैंकिंग फर्म
पिछले कुछ समय से एसएमई आईपीओ सेगमेंट सेबी के रडार पर रहा है।

"इस भरोसे के तहत यह स्टोरी पहले 01.08.2024 को पब्लिश हुई थी कि सेबी ने कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, बाद में हमारी जानकारी में आया कि इस मामले से जुड़ा जो डॉक्युमेंट था वह एक ड्राफ्ट था, जिसे सेबी में आंतरिक रूप से सर्कुलेट किया गया था और इसे कंपनी या इसके डायरेक्टर्स को नहीं भेजा गया था। इस वजह से इस आर्टिकल में दी गई यह जानकारी कि "सेबी पहले मर्चेंट बैंकिंग एनटिटी को एक नोटिस भेज चुका है और इसमें इसके दो डायरेक्टर्स-कुलभूषण पराशर और हरप्रीत कौर के साथ कुछ दूसरे एनिटिटीज के भी नाम हैं और 19 जून को फर्म को और 23 जुलाई को इसके डायरेक्टर्स को नोटिस भेजा है" गलत है। नीचे दिए गए आर्टिकल के बारे में यह स्थिति साफ कर दी गई है।"

दिल्ली का मर्चेंट बैंकर कॉर्पोरेट कैपिटल वेंचर्स लिमिटेड मर्चेंट बैंकिंग के नियमों के नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर रेगुलेटरी स्कैनर के तहत आया है। इस मर्चेंट बैंकर ने कुछ एसएमई आईपीओ का प्रबंधन किया है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) पहले ही इस मर्चेंट बैंकर एनटिटी को नोटिस भेज चुका है, जिसमें इसके दो डायरेक्टर्स -कुलभूषण पराशर और हरप्रीत कौर के साथ कुछ दूसरी एनटिटीज के नाम हैं। मनीकंट्रोल ने इस नोटिस की कॉपी देखी है।

सेबी ने इस मामले में एक शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की। शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि कुलभूषण पराशर ने कंपनी की लिस्टिंग से पहले अपने रिश्तेदारों के जरिए उसके कुछ शेयर खरीदे। सेबी ने कंपनी के खिलाफ जांच का आदेश दिया। कंपनी और उसके डायरेक्टर्स की अगस्त 2022 और जून 2024 के बीच की गतिवधियों की जांच की गई। इस दौरान कॉर्पोरेट कैपिटल वेंचर्स ने छह एसएमई आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर की भूमिका निभाई। इनमें ओरियाना पावर, अन्नापूर्णा स्वादिष्ट, द्रोणाचार्य एरियल इनोवेशनंस, क्रेयोंस एडवर्टाइजिंग, क्रिएटिव ग्राफिक्स सॉल्यूशंस इंडिया और रॉकिंग डील्स सर्कुलर इकोनॉमी शामिल थी।

जांच पूरी होने के बाद रेगुलेटर ने 19 जून को अपने एक अफसर को 'नामित अथॉरिटी' नियुक्त किया और फर्म और इसके डायरेक्टर्स को 23 जुलाई को एक नोटिस भेजा। इस नोटिस में कुलभूषण पराशर एचयूएफ, जगदीश प्रसाद शर्मा, यूनिजोन फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड और सीमा सावताल के नाम भी शामिल हैं।

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