"इस भरोसे के तहत यह स्टोरी पहले 01.08.2024 को पब्लिश हुई थी कि सेबी ने कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, बाद में हमारी जानकारी में आया कि इस मामले से जुड़ा जो डॉक्युमेंट था वह एक ड्राफ्ट था, जिसे सेबी में आंतरिक रूप से सर्कुलेट किया गया था और इसे कंपनी या इसके डायरेक्टर्स को नहीं भेजा गया था। इस वजह से इस आर्टिकल में दी गई यह जानकारी कि "सेबी पहले मर्चेंट बैंकिंग एनटिटी को एक नोटिस भेज चुका है और इसमें इसके दो डायरेक्टर्स-कुलभूषण पराशर और हरप्रीत कौर के साथ कुछ दूसरे एनिटिटीज के भी नाम हैं और 19 जून को फर्म को और 23 जुलाई को इसके डायरेक्टर्स को नोटिस भेजा है" गलत है। नीचे दिए गए आर्टिकल के बारे में यह स्थिति साफ कर दी गई है।"
